Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, sudhir_srivastava

प्रेरणा- सुधीर श्रीवास्तव

प्रेरणा कहने सुनने में छोटा सा शब्द मगर भाव बड़ा है, किसी की अंधेरे में डूबती जिंदगी मेंउम्मीद की किरण …


प्रेरणा

प्रेरणा- सुधीर श्रीवास्तव
कहने सुनने में छोटा सा शब्द

मगर भाव बड़ा है,

किसी की अंधेरे में डूबती जिंदगी में
उम्मीद की किरण फैला सकता है।

हताश निराश व्यक्ति को
उत्साह से भर सकता है,

किसी की प्रेरणा
किसी को इतिहास बनाने का
हौसला दे सकता है,
प्रेरणा जीवनदान बन सकता है,

मुर्दा जी जिंदगी में
जान ला सकता है।
प्रेरणा देना और लेना
जिसे आ गया,

प्रेरणा का भाव जग गया तो
हिमालय भी शीष झुकाने को
बाध्य किया जा सकता है,
बस एक बार प्रेरणा पा प्रेरित हो जायें
तो इतिहास भूगोल भी बदल सकता है,

प्रेरणा में इतनी ताकत है
कि क्या कुछ नहीं हो सकता
नाजुक सा इंसान भी
फौलाद बन सकता है।

सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उ.प्र.
8115285921
©मौलिक, स्वरचित


Related Posts

सूनापन अखरता”- अनीता शर्मा

December 8, 2021

सूनापन अखरता अकेले चुपचाप खड़ी हो ,देख रही थी,जहाँ दुनिया बसती थी । सूनापन पसरा था कमरे में,जहाँ रौनक रहती

मंथरा- सुधीर श्रीवास्तव

December 8, 2021

 मंथरा आज ही नहीं आदि से हम भले ही मंथरा को दोषी ठहराते, पापी मानते हैं पर जरा सोचिये कि

मन- डॉ.इन्दु कुमारी

December 8, 2021

 मन रे मन तू चंचल घोड़ासरपट दौड़ लगाता हैलगाम धरी नहीं कसकेत्राहि त्राहि मचाने वाली जीवन की जो हरियालीपैरों तले

मेरा एक सवाल- विजय लक्ष्मी पाण्डेय

December 8, 2021

मेरा एक सवाल…!!! पढ़े लिखे काका भैया से,मेरा एक सवाल।माँ -बहनों की गाली से ,कब होगा देश आजाद.?? अरे !

उलझे-बिखरे सब”- अनीता शर्मा

December 8, 2021

उलझे-बिखरे सब” कितने उलझे-उलझे हुए सब , कितने बिखरे-बिखरे हुए सब। बनावटी दुनिया में उलझे हुए सब, दिखावटी सब सज-धज

चल चला चल राही तू-डॉ माध्वी बोरसे!

December 4, 2021

चल चला चल राही तू! चल चला चल राही तू, मुसाफिर तू कभी रुकना ना,रुकना ना, कभी झुकना ना,तेरेते रह

Leave a Comment