Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, vyang

प्रेम में सब कुछ चलता हैं(व्यंग)-जयश्री बिरमी

प्रेम में सब कुछ चलता हैं (व्यंग) पुरानी फिल्में देख कई दृश्यों का हम मजाक उड़ाते थे।हीरो ने दौड़ती गड्डी …


प्रेम में सब कुछ चलता हैं (व्यंग)

प्रेम में सब कुछ चलता हैं(व्यंग)-जयश्री बिरमी
पुरानी फिल्में देख कई दृश्यों का हम मजाक उड़ाते थे।हीरो ने दौड़ती गड्डी के पीछे दौड़ कर हिरोइन को बचाना हकीकत में शक्य नहीं हैं किंतु वह तो हीरो हैं न!वैसे आज जैसा नहीं था ,सारी खूबियां हीरो में ही नहीं होती थी,खलनायक,कॉमेडियन सभी की अपनी अपनी भूमिकाएं थी।वैसे ही नारी पात्रों  में भी था,डांसर,खलनायिका और हीरोइन अलग अलग होती थी। और आज देखे तो पूरा खाका ही बदल गया हैं फिल्मों में कहानियों का।हीरो में देखें तो हीमैन हुआ हीरो तो धर्मांद्र,प्यार करने वाला हीरो हो तो राजेंद्र कुमार या देवानंद ,और उछलकूद और डांस वाला हीरो हो तो जितेंद्र को पसंद किया जाता था लेकिन यहां  तो सनी देओल को भी नचाया जाता रहा हैं।वैसे ही गानों में चलता था।महबूबा को चांद तक पहुंचा दिया जाता था,और हीरो जो सुकड़ा भी हो तो किसी से भी भीड़ जाता था।सब से ज्यादा तो हट्टे कट्टे खलनायक को सुकडा सा हीरो उछल उछल के मारता हो और बलवान खलनायक मार खाता रहे।सबसे ज्यादा मजेदार तो ये होता था कि हीरो मारे उससे पहले ही ’ढिशुम ढिशुम’ की आवाजें आ जाती थी जो शायद टेक्निकल यंत्रों की कमी थी।
ऐसा ही शायरियों में भी देखने मिलता था कहीं तो पढ़ा था ये 
 ’ नींद आती नहीं तुम्हारे बिना,
ख्वाबों में तुम आ जाया करो’.
अब बताएं अगर नींद ही नहीं आती तो ख्वाब कहासें आयेंगे?ख्वाब नहीं आते हैं तो प्रेमिका ख्वाब में कहांसे आयेगी ये एक समजनेवाली बात हैं।
एक और भी हीरो होता था वह था चांद।अमूमन सभी फिल्मों में चांद के बखान हो ही जाते थे।उपर से स्त्री सिंगार को नवाजा जाता था। चूड़ियों की खनक, बिंदियों की चमक के हीरो दीवाने हुआ करते थे।कभी चोली,लहंगा और चुन्नियों के बारे में भी गीत लिखे जाते थे।वहीं बहुत सारे रंगों को भी सराहा जाता था।उसी रंग के पोशाक की हीरोइन को कैसे फबते थे वही हीरो के प्यार का इजहार भी हो जाता था।
   यहां चांद भी आहे भर लेता हैं जब प्रेमिका के हुस्न के बारे में बात होती हैं।फिल्म कहें या इश्क कहें उसमें चांद का एक अहम स्थान हैं।उसीको देख के कई गानों में महबूबा की तारीफ में चांद के साथ उसकी तुलना कर कसीदें गए जाते हैं।वहीं फूलों की खुशबू, रंग और नजाकत से भी तुलना की जाती रही हैं।सब से ज्यादा रसप्रद पुरानी फिल्मों के गाने होते थे जो आज  भी बड़े शौक से गए जाते हैं।

जयश्री बिरमी
अहमदाबाद


Related Posts

भारतीय सशस्त्र बलों के बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण की आवश्यकता/The need for massive modernization of the Indian Armed Forces

November 17, 2022

भारतीय सशस्त्र बलों के बड़े पैमाने पर आधुनिकीकरण की आवश्यकता भारत के पास रक्षा उपकरणों के विनिर्माण के लिये एक

पर्यावरण को बचाने के लिए पंचामृत मंत्र

November 16, 2022

  भारत ने अपनी जलवायु प्रतिबद्धताओं पर मजबूत प्रगति की है और बढ़ती महत्वाकांक्षा और कम कार्बन वाले भविष्य की

G-20 -one world one family

November 16, 2022

भारत के विकास की नई गाथा भारत के विकास की नई गाथा में आधुनिक बुनियादी ढांचा निर्माण के साथ आम

International day of tolerance

November 16, 2022

आओ मिलकर सहिष्णुता के भाव को मज़बूत करें सहिष्णुता हमारी दुनिया की संस्कृतियों की समृद्ध विविधता, अभिव्यक्ति के रूपों और

सावधान हर वर्ग के लोग हो सकते हो हनी ट्रैप का शिकार

November 13, 2022

सावधान हर वर्ग के लोग हो सकते हो हनी ट्रैप का शिकार आनलाईन गेम़ के दौरान बीच-बीच में चैटिंग कि

आओ दयालुता का भाव अपनाने का संकल्प करें|Let’s resolve to embrace kindness

November 13, 2022

आओ दयालुता का भाव अपनाने का संकल्प करें|Let’s resolve to embrace kindness प्रत्येक व्यक्ति को अद्वितीय मानव सिद्धांतों में से

Leave a Comment