Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, Mamta_kushwaha,

प्रेम क्या है ? “ आइ लव यू / लव यू ” | Prem kya hai

 प्रेम क्या है ? “ आइ लव यू / लव यू ” आज के जमाने में साधारण सी से बात …


 प्रेम क्या है ? “ आइ लव यू / लव यू ”

प्रेम क्या है ? “ आइ लव यू / लव यू ” | Prem kya hai

आज के जमाने में साधारण सी से बात हो गई है लव यू ,मिस यू , शब्द का उच्चारण सुनना और कहना खैर लव यू को परिभाषित नहीं किया जा सकता यह अपने आप में खास शब्द है क्योंकि प्रेम अंग्रेजी शब्द लव का हिंदी अर्थ होता है और प्रेम को किसी तरह परिभाषित नहीं किया जा सकता प्रेम ढाई अक्षर का शब्द जिसका अर्थ विभिन्न है प्रीत ,प्यार ,इश्क, मोहब्बत इत्यादि ।

 आज का प्रेम यानी लव आजकल के भाषा में विपरीत लिंग वाले के प्रति अपनी मन की अभिव्यक्ति जाहिर करने के लिए आसान शब्द हो गया है, भले उसके प्रति प्रेम सच्चा हो या ना लव यू बोल दिया यानी प्रेम करता / करती हूं और इस तरह स्त्री – पुरुष एक दूसरे के प्रति अपने प्यार का कबूल नामा करते हैं इतना ही नहीं कबूल नामा के बाद हर पल इससे बोलकर प्रेम के इजहार करते रहते हैं और एक दूसरे के सच्चे प्रेमी प्रेमिका होने का सबूत देते रहते हैं और कुछ समय बाद किसी बात को लेकर दोनों में मतभेद मनमुटाव होने लगता तो एक दूसरे के साथ रहने और आपस में उसे सुलझाने के बजाय पल भर में रिश्ता तोड़ देते हैं और कुछ ही दिनों बाद इनका सच्चा प्रेम खत्म होते ही अगले छन कोई और शक्स तैयार रहता है इनका लव यू से स्वीकार करने को, सोचने वाली बात है उनका सच्चा प्रेम दो पल में कैसे दूर हो जाता है लव यू शब्द मात्र से प्यार का इजहार से बोलना हर मात्र से कैसे कोई रिश्ता गहराई को आंका जा सकता है खैर लव यू आजकल हर कोई किसी से भी बोल लेते हैं बोलना अच्छा भी अच्छा है इसके अभिव्यक्ति पर चलना चाहिए , यह जरूरत नहीं की, विपरीत लिंग वाले लड़का लड़की , स्त्री पुरुष के बीच हो सकता है माता पिता भाई बहन दोस्त इत्यादि की प्रति लगाव भी प्रेम है इनके प्रति सम्मान ख्याल आदि भी प्रेम है रिश्ते मैं अपना-अपना हर अटूट संबंध होता है अपने -अपने जगह हर संबंध कीमती होता है पर आजकल के लोगों में संबंध तो दिखते हैं पर अपनापन नहीं दिखता ।

    अथार्त आज का प्रेम में प्यार ,प्रवाह समान कम दिख रहा आखिर ऐसा क्यों कहीं ना कहीं जिम्मेदार इसका हम सब है जिस तरह से वक्त बदल रहा है इसी तरह लोगों के जज्बात कुछ ख्याल भी बदल रहे हैं इन सब के चक्कर में हम अपनापन खोते जा रहे हैं एक दूसरे के प्रति लोगों में हीन भावना अधिक दिख रहा है प्रेम की जगह लोगों में अहंकार की भावना अधिक दिख रहे हैं , आपस में तो सब रिश्ते जुड़े हुए हैं बस सिर्फ नाम मात्र के उन रिश्तो को निभाने के पीछे वजह एक है लोग क्या कहेंगे संबंध टूट तो गया और रिश्ता सच्चा ह्रदय से जुड़ा हो तो इतना आसान नहीं टूटना आज के दौर में दिल से निभाने वाले लोग कम मिलते हैं किस जगह दिमाग से निभाने वाले लोग अधिक मिलते हैं । 

जहां जरूरत खत्म वहां रिश्ता खत्म तभी तो आज के दौर में किसी भी व्यक्ति के लिए लव यू का प्रयोग किया जा रहा है ,मेरा मानना है प्रेम की अभिव्यक्ति के लिए शब्द का प्रयोग जरूरी नहीं उनके प्रति सम्मान चिंता परवाह इत्यादि भी प्रेम का इजहार हो सकता है यदि लव यू बोलकर प्रेम परिभाषित किया जा सकता तो किसी को भी अपना बनाया जा सकता रिश्ते टूटते ही नजर नहीं आता खैर इसके प्रति विभिन्न लोगों की अलग भिन्न भिन्न मत हो सकते हैं पर इतने भी आधुनिकता अपनाने नहीं चाहिए कि अपना व्यवहार, संस्कृति ही भूल जाए । 

About author 

Mamta kushwaha
ममता कुशवाहा
मुजफ्फरपुर, बिहार

Related Posts

भारत-अमेरिका साझा शक्ति प्रगाढ़यता का नया अध्याय शुरू

June 29, 2023

भारत-अमेरिका साझा शक्ति प्रगाढ़यता का नया अध्याय शुरू दुनियां को भारत-अमेरिका भाई-भाई वाले रिश्ते की सख़्त ज़रूरत विश्व को टैलेंट

विपक्ष का दमदार गठजोड़ बनाम वाशिंगटन डीसी से उत्साह ताबड़तोड़

June 29, 2023

विपक्ष का दमदार गठजोड़ बनाम वाशिंगटन डीसी से उत्साह ताबड़तोड़ गठजोड़ ने विपक्ष का उत्साह बढ़ाया – 1977 का इतिहास

2024 चुनावी रण के लिए अमेरिका मिस्त्र स्टेट विजिट गेम चेंजर साबित होगी

June 29, 2023

2024 चुनावी रण के लिए अमेरिका मिस्त्र स्टेट विजिट गेम चेंजर साबित होगी 2024 रण की दौड़ – विपक्षी महा

योग @ एक विश्व एक परिवार – अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 june yoga day

June 20, 2023

योग @ एक विश्व एक परिवार – अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2023 पर विशेष आओ योग को अपनी दिनचर्या

गुलजार की ‘किताब’ में पैरेंटिंग का पाठ| Parenting lesson in Gulzar’s ‘kitaab’

June 17, 2023

सुपरहिट:गुलजार की ‘किताब’ में पैरेंटिंग का पाठ 1977 में आई ‘किताब’ फिल्म में एक दृश्य है। फिल्म का ‘हीरो’ बाबला

नई पीढ़ी के लिए विवाह में फ्लेक्सिबल बनना जरूरी है |

June 17, 2023

नई पीढ़ी के लिए विवाह में फ्लेक्सिबल बनना जरूरी है ‘विवाह‘ यह हमेशा से चुनौतीपूर्ण संबंध रहा है। दो परिचित

PreviousNext

Leave a Comment