Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Anita_sharma, poem

प्यारा बचपन-अनिता शर्मा

प्यारा बचपन परिवार में बड़ी शक्ति है मन प्रसन्नता से भर जाता बच्चों का खिलता चेहरा तो सराबोर हो हर …


प्यारा बचपन

प्यारा बचपन-अनिता शर्मा

परिवार में बड़ी शक्ति है
मन प्रसन्नता से भर जाता
बच्चों का खिलता चेहरा तो
सराबोर हो हर क्षण जीवन के।
महके तन मन माँ का
जब बच्चों के चहके स्वर।
सुखमय जीवन हो जाता है
हृदय पुलकित आनंदित हो जाता।
बच्चों के साथ सुखमय
वक्त गुजरता है मेरा ।
साथ जब उनके होती
चमकता चेहरा गर्व से।
सफल हुआ जीवन मेरा
सफलता बच्चों ने पाई।
शुक्र ईश्वर का करूँ मैं
नेक संतान छोली में डाली।
धन्य हूँ तुम्हारी मौजूदगी में
और प्यारी मुस्कान बिखरी मुझमें।।
बच्चों सा मन है कोमल
चेहरे पर निश्छल मुस्कान।
गाने के सुर पर पैर थिरकते
कितनी भोली सी मधुर मुस्कान।
देख बालपन हृदयी प्रेम उमड़ता
प्यारा नन्हा सा रूप फरिश्ता है।
बाहों में भरने की उत्कंठा प्रबल
कितना भोला बचपन मिलता है।

अनिता शर्मा झाँसी


Related Posts

कविता -आँखें भी बोलती हैं

June 23, 2022

 कविता -आँखें भी बोलती हैं सिद्धार्थ गोरखपुरी न जीभ है न कंठ है कहने का न कोई अंत है दिखने

कविता -गँवईयत अच्छी लगी

June 23, 2022

 कविता -गँवईयत अच्छी लगी सिद्धार्थ गोरखपुरी माँ को न शहर अच्छा लगा न न शहर की शहरियत अच्छी लगी वो

कविता – बचपन पुराना रे

June 23, 2022

 कविता – बचपन पुराना रे सिद्धार्थ गोरखपुरी ढूंढ़ के ला दो कोई बचपन पुराना रे पुराना जमाना हाँ पुराना जमाना

ये ख्वाब न होते तो क्या होता?

June 23, 2022

 कविता – ये ख्वाब न होते तो क्या होता? सिद्धार्थ गोरखपुरी झोपड़ी में रहने वाले लोग जब थोड़े व्यथित हो जाते

रक्त की बूँद!!!!

June 23, 2022

 रक्त की बूँद!!!! अनिता शर्मा रक्त की हर बूंद कीमती,रक्तदान जरूरी है।कीमती हर जान रक्त से,रक्त दान जरूरी है। समय-समय

“श्रृंगार रस”

June 22, 2022

 “श्रृंगार रस” वो लम्हा किसी नाज़नीन के शृंगार सा बेइन्तहाँ आकर्षक होता है, जब कोई सनम अपने महबूब की बाँहों

PreviousNext

Leave a Comment