Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Anita_sharma, poem

नववर्ष का आगाज़- अनिता शर्मा

दिसम्बर की बिदाई और नववर्ष का आगाज़” लो दिसम्बर जाने को तैयार नववर्ष आने को उत्सुक हैं।सारे रंजो गम भुला …


दिसम्बर की बिदाई और नववर्ष का आगाज़”

नववर्ष का आगाज़- अनिता शर्मा
लो दिसम्बर जाने को तैयार

नववर्ष आने को उत्सुक हैं।
सारे रंजो गम भुला कर हम
हंसी खुशी के संग जियेगें ।

चलो जनवरी का स्वागत कर
अभिनंदन सभी का हृदय से करे।
प्यार बांटते हुए सहृदय से
बैर भाव भुला मिटाकर जियें।

दर्द बहुत सहा है सभी ने
डटकर हिम्मत से आगे बढ़े।
नववर्ष का स्वागत हंस कर करें
सारे रंजोगम भुला कर करें।

अंतर्मन आनंदित हो आनंद में
नव चेतना का संचार हो विश्व में।
आलौकित हो घर-संसार सुमधुर
आंखों में नव चमक और विश्वास हो।

चलो दिसम्बर को अलविदा कह दे
और हंसी खुशी से नववर्ष का स्वागत करे।
मंगलमय नववर्ष का आगाज़ है
सुख शांति और समृद्धि के साथ।।

अनिता शर्मा सुधा नर्सिग होम झाँसी
मौलिक रचना


Related Posts

Bhaiya dooj by Sudhir Srivastava

November 7, 2021

 भैयादूज कार्तिक मास शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को भैया दूज होता है, इसी दिन चित्रगुप्त जी का पूजन भी होता

Suhagin by Anita Sharma

November 7, 2021

सुहागिन चेहरे पर मुस्कान बताती आल्हादित मन झूम रहा। सदा सलामत रहे खुशियाँ  दुआ यही ईश्वर से मेरी। चेहरे पर

आम्रपाली

October 23, 2021

 आम्रपाली  मां  ऐसी क्या मजबूरी थी  जो जन्म देते ही मुझे आम्रवन मे छोड़ कर चली गई  शायद मेरे नसीब.

पति – पत्नी का रिश्ता

October 23, 2021

 पति – पत्नी का रिश्ता दुनिया में बहुत से लोग पति – पत्नी के रूप में  साथ साथ रहे एक

नकाब ओढ़े चेहरे

October 23, 2021

 नकाब ओढ़े चेहरे चुंकि फायदेमंद रहती हैं हिंसक व अराजक परिस्थितियां चुनावों में वोटों के ध्रुवीकरण के लिए, इसलिए ज्यादातर

हृदय के चाँद

October 23, 2021

 हृदय के चाँद                                  

Leave a Comment