Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, sudhir_srivastava

दोस्तों के नाम की शाम-सुधीर श्रीवास्तव

दोस्तों के नाम की शाम आइए!कुछ करते नहीं तो बस इतना करते हैं,एक शाम दोस्तों के नाम करते हैं,मौज मस्ती …


दोस्तों के नाम की शाम

दोस्तों के नाम की शाम-सुधीर श्रीवास्तव
आइए!कुछ करते नहीं तो

बस इतना करते हैं,
एक शाम दोस्तों के नाम करते हैं,
मौज मस्ती के बजाय
कुछ अलग करते हैं,
सारे दोस्त मिलकर अभियान चलाते हैं।
नगर में असहायों के लिए
कुछ काम करते हैं,
दोस्ती की शाम को यादगार करते हैं,
भलाई और मानवता के
कुछ काम करते हैं
एक नई मिसाल बनाते हैं।
गैरजिम्मेदार नहीं हैं हम सब
ये सबको दिखाते हैं।
सबसे अहम तो यह है कि
मानव हैं तो मानवता के लिए
कुछ काम भी करते हैं,
दोस्तों के नाम की शाम को
हम सब यादगार बनाते हैं।

सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उ.प्र.
8115285921
©मौलिक, स्वरचित


Related Posts

माता – पिता-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 18, 2021

माता – पिता! जब 1 साल के थे हम बच्चे, नहला के पहनाते थे कपड़े वह अच्छे! उस वक्त रो-रो

भारत-डॉ. माध्वी बोरसे!

December 18, 2021

भारत! दक्षिणी एशिया का सबसे बड़ा देश है भारत, कृषि प्रधान देश है भारत,विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है भारत,एक

कदर-डॉ. माध्वी बोरसे

December 18, 2021

कदर! कदर करें, जो हमारे पास है,क्यों हमेशा कोई ना कोई आस है,हमें आखिर किसकी तलाश है,हर व्यक्ति असंतुष्ट है,

निगाहें- R.S.meena indian

December 18, 2021

कविता – निगाहें इन निग़ाहों से मोहब्बत होती हैं । और इनसे क़त्ल भी होता है ।।किसी के दिल में

देशभक्त नहीं हो सकते हैं” – सचिन राणा “हीरो”

December 18, 2021

देशभक्त नहीं हो सकते हैं देश के सैनिक की शहादत पर, जो रो नहीं सकते हैं… वो कुछ भी हो

ख्वाहिशें- आकांक्षा त्रिपाठी

December 18, 2021

ख्वाहिशें मन को हसीन करने वाली ये ख्वाहिशें, जिंदगी के समंदर में गोता लगाती येमशरूफ ख्वाहिशें। चाहत,इच्छा,मन के भाव के

Leave a Comment