Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Bhaskar datta, poem

देश की राजनीति और राजनीति का देश

“देश की राजनीति & राजनीति का देश “ सचमुच! यह तो ‘भारत’ हैभारत! हाँ, वही भारत, जहाँ चाणक्य थे। चाणक्य? …


“देश की राजनीति & राजनीति का देश “

देश की राजनीति और राजनीति का देश

सचमुच! यह तो ‘भारत’ है
भारत!
हाँ, वही भारत, जहाँ चाणक्य थे।
चाणक्य?
हाँ भाई, चाणक्य अर्थात् ‘कौटिल्य’, नाम तो सुना होगा….
क्या बताऊँ बेटा! – अब मेरी उम्र हो गयी कुछ स्मरण ही नहीं रहता.. तुम भी तो नहीं बताते…
मैं तो युवा हूँ बाबा! पर नौकरी का टेंशन सब कुछ विस्मृत किये दे रहा है…
मुझे तो अपने युवावस्था में ‘अर्थशास्त्र’ मुंह जबानी कंठस्थ थी..
मेरा इसारा तो उसी अर्थशास्त्र वाले चाणक्य की ओर था।
अच्छा ; हाँ याद आया इसमें तो बड़े- बड़े विरोधी भी चित्त हो गये थे..
वही तो..
तब
तब क्या? अब भी नहीं समझे बाबा!
नहीं…
अरे बाबा! सब कुछ ‘सिस्टमैटिकली’ ही तो रहा है…
मतलब?
मतलब ये कि “सिस्टम है तो सब कुछ है। “
अच्छा बालक!मैं भी समझ गया….
क्या❓
यही कि “राजनीति का मतलब अर्थ और अर्थ का मतलब राजनीति है।”

About author

भास्कर दत्त शुक्ल  बीएचयू, वाराणसी
भास्कर दत्त शुक्ल
 बीएचयू, वाराणसी


Related Posts

कुबूल है

May 24, 2022

 “कुबूल है” कुबूल है मुझे तेरी मन मर्ज़ियां कुबूल है चाहत की बौछार कर दूँ तेरी अदाओं पर निसार होते,

हर चेहरा कुछ कहता है-भावना ठाकर

May 24, 2022

 “हर चेहरा कुछ कहता है” हर इंसान के मन में उठते तरंगों को प्रतिबिंबित करता आईना है चेहरा, अपनों की

परम शक्ति!

May 17, 2022

परम शक्ति! किस बात का गुरूर है तुझे इंसान,तू इतना भी हे नहीं महान,करने वाला वह, कराने वाला वह,वही चला

सुरम्य एवं सहज जीवन!

May 17, 2022

सुरम्य एवं सहज जीवन! गुरुर में रास्ते धुंधले पड़ जाएंगे,खुद के अलावा किसी को कैसे देख पाएंगे,प्रेम और जुनून के

मार्मिक कविता – कश्मीर में शहीदों की कुर्बानी कब तक़

May 17, 2022

मार्मिक कविता -कश्मीर में शहीदों की कुर्बानी कब तक कश्मीर में शहीदों की कुर्बानी से आंखें सभकी भर आई वो

धूप छांव

May 15, 2022

धूप छांव जिंदगी के रूप कई कहीं मिले धूप छांव आती दुःख की धूप तो सुख की छांव भी अपार

PreviousNext

Leave a Comment