Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Bhaskar datta, poem

झांसी की रानी पर कविता | poem on Rani laxmi bai

झांसी की रानी पर कविता | poem on Rani laxmi bai रणचंड भयंकर और प्रचंड किया झांसी की रानी नेअपना …


झांसी की रानी पर कविता | poem on Rani laxmi bai

झांसी की रानी पर कविता | poem on Rani laxmi bai

रणचंड भयंकर और प्रचंड
किया झांसी की रानी ने
अपना अखंड विश्वास अमर
भारत की वही कहानी में
दे मिट्टी को अमरत्व और
घोड़े , तलवार निशानी में
खुद एक भारती माँ बनकर
रक्षार्थ हुई मर्दानी में…
~भास्कर दत्त शुक्ल

 
English version   
Ranchand fierce and furious
did the queen of Jhansi
Immortal my unbroken faith
in the same story of India
give immortality to the soil and
horse, sword in sign
Being a Bharti Maa herself
In the protection of manhood…

About author

भास्कर दत्त शुक्ल  बीएचयू, वाराणसी
भास्कर दत्त शुक्ल
 बीएचयू, वाराणसी


Related Posts

रंगबिरंगा त्यौहार!-डॉ. माध्वी बोरसे

March 26, 2022

रंगबिरंगा त्यौहार! रंगो का त्योहर हे होली,खुशियों से भरदे सबकी झोली,पकवान या मिठाई के जेसे,मीठी हो जाए सब की बोली।

अच्छे के लिए होता है !

March 26, 2022

अच्छे के लिए होता है ! राजा और मंत्री शिकार के लिए निकले, जंगल में आए, बहुत सारी झाड़ी और

दयावान बने!

March 26, 2022

दयावान बने! सोए हुए शेर के ऊपर चढ़ा चूहा,शेर उठा और हुआ आग बबूला,गुस्से में कहा, तुम्हें कौन बचाएगा,यह खूंखार

अजय प्रसाद की रचनाएं

March 26, 2022

अजय प्रसाद की रचनाएं  हमसे हमारे ख्वाब न छीन काँटों भरी गुलाब न छीन ।जिंदा तो हूँ गफलत में सहीयादों

मेरा मन है एक बंजारा- वीना आडवाणी तन्वी

March 26, 2022

मेरा मन है एक बंजारा मेरा मन है एक बंजारा स्थिर नहीं ये फिरता मारामाराकभी प्राकृतिक सौंदर्य में फिरेतो कभी

हौंसले-जयश्री बिरमी

March 25, 2022

हौंसले एक सुंदर नारीचल पड़ी गगन विहारीथा उसे उडना बहुतदूर दूर क्षितिज से भी दूरपंख थे छोटे और कोमलपार करेगी

PreviousNext

Leave a Comment