Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Aalekh, Bhawna_thaker, lekh

ज़िम्मेदार आख़िर कौन

“ज़िम्मेदार आख़िर कौन” pic credit -freepik यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:।यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफला: क्रिया:। अर्थात : जिस परिवार …


“ज़िम्मेदार आख़िर कौन”

ज़िम्मेदार आख़िर कौन
pic credit -freepik

यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवता:।
यत्रैतास्तु न पूज्यन्ते सर्वास्तत्राफला: क्रिया:।

अर्थात : जिस परिवार में स्त्री की पूजा की जाती है, वहाँ देवताओं का वास होता है, दैवीय गुण, दैवीय सुख और उत्तम संतान होती है और जिस परिवार में स्त्री की पूजा नहीं होती है, उसके सभी कार्य निष्फल हैं।
आज-कल सम्मान तो दूर कलयुग में महिलाओं को सिर्फ़ भोगने की वस्तु समझा जा रहा है। क्या चल रहा होगा मानसिक तौर पर विकृत युवाओं के दिमाग में? बेख़ौफ़ और बिंदास होते सरे-आम या घर में घुसकर किसीकी भी बेटी को मार देते है। कहाँ जा रही है आज की युवा पीढ़ी? क्यूँ अपना और किसीकी बेटी का अहित करने पर तुले है? आजकल हर कुछ दिनों बाद ऐसे किसी सरफिरे, मानसिक तौर पर अपाहिज लड़कों के हाथों लड़कियों पर जानलेवा हमलों की खबरें सुनकर, पढ़ कर दिल भी दहल जाता है। और खून भी खौल उठता है। गलती किसकी मानी जाए? क्या ऐसे युवाओं के माँ-बाप का अपने बेटों पर काबू नहीं होता? क्या संस्कार देने में चूक होती होगी? या लड़के अपने माँ बाप के वश में नहीं होते? इतनी सारी बेटियों के घिनौने अंजाम का जिम्मेदार आख़िर कौन?
क्यूँ लड़कियों पर अटेक करने से पहले लड़के सोचते नहीं। एक बार, सिर्फ़ एक बार शिकार लड़की की जगह अपनी बहन को रखकर देखते। तो शायद सोच बदल जाए। क्या बितती होगी उन लड़कियों पर जो अभी खिलकर फूल बन रही हो, उसे बेरहमी से कुचलते रूह क्यूँ नहीं काँपती?
युवाओं के दो वर्ग है, एक जो पढ़ लिखकर जीवन में कुछ बनना चाहते है, मेहनत करते है और अपने दम पर परिवार का और देश का नाम रोशन करते है। और दूसरा वर्ग अनपढ़, ज़ाहिल गँवारो की तरह मवालीगिरी करते खुद की, अपने परिवार की और किसी मासूम लड़की की इज़्जत तार-तार करते है। हकीकत में अपने बेटे की करतूत पता चलने पर, खुद माँ-बाप को ही ऐसी सज़ा देनी चाहिए की फिर कोई लड़का किसीकी बहन बेटियों को प्रताड़ित करने से पहले सौ बार सोचे। “जो जैसा गुनाह करें, उसको सज़ा भी बिलकुल वैसी मिलनी चाहिए” तभी मन में ख़ौफ़ बैठेगा।
सरे-आम बीच बाज़ार तो लड़कियों की छेड़ खानी होती है, पर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी आशिक आवारों का मेला लगा है। फेसबुक पर मौजूद आधी से अधिक युवतियाँ ऑनलाइन उत्पीड़न या दुर्व्यवहार का सामना करती है। और इसी कारण सोशल मीडिया छोड़ भी देती है। यहाँ भी परेशान करने वालों की तादात कम नहीं।
शोषित लड़कियों के बारे में सोचते ही रौंगटे खड़े हो जाते है। निर्भया के साथ दरिंदों ने जो किया वो दरिंदगी की इन्तेहाँ थी, प्रियंका के साथ रैप करने के बाद ज़िंदा जलाने का हादसा कभी न भूलने वाला है, अंकिता को पेट्रोल डालकर जलाया वो दिल दहलाने वाली करतूत थी और गुजरात के सूरत शहर में सरेआम ग्रीष्मा का गला काटकर हत्या कर दी वो विचलित करने वाली घटना थी। और ऐसी तो न जानें कितनी बच्चियाँ हर रोज़ बलि चढ़ा दी जाती होंगी जो वारदातें समाज के सामने नहीं आती।
हर अभिभावकों का फ़र्ज़ है अपने बच्चों की गतिविधियों पर नज़र रखने का। समस्त नारी जाति का सम्मान करना सिखाना चाहिए, पढ़ाई के लिए ज़ोर देना चाहिए। पढ़ा, लिखा इंसान सोचने समझने की शक्ति रखता है। बेटों को अच्छे विचार और संस्कार देना चाहिए। पर नहीं यहाँ कुछ माँ-बाप बच्चों को पैदा करके सुवर की तरह, या शिकारी कुत्ते की तरह समाज में छोड़ देते है। न संस्कार नाम की चीज़ होती है, न सभ्यता का दायरा मालूम। कितने गैरजिम्मेदार माँ-बाप होते है जिनको इतना भी पता नहीं होता है कि उनका बेटा क्या गुल खिला रहा है।
माँ बाप को जागने की जरूरत है। बच्चों को बचपन से ही सही समझ देकर सुसंस्कृत करना चाहिए। अच्छे बुरे की समझ देकर ज़िंदगी में कुछ बनने के लिए प्रेरित करना चाहिए। बच्चों के मित्र कौन है, कैसे है, क्या करते है सभी चीज़ों की जानकारी रखनी चाहिए। अब बहुत हो चुका और कितनी बेटियों का बलिदान देते रहेंगे? अभिभावकों से निवेदन है अपने बच्चों पर नज़र रखिए, गलत राह पर निकल गया है तो समझाईये। लड़कियों की इज़्जत की कीमत समझाईये और सुदृढ़ समाज का निर्माण करने में अपना योगदान दीजिए। आज किसी ओर की बेटी तबाह हुई कल आपकी भी हो सकती है।

About author

bhawna thaker

(भावना ठाकर, बेंगुलूरु)#भावु

Related Posts

मेहनत की मिसाल अख्तर आमिर

April 25, 2022

“मेहनत की मिसाल अख्तर आमिर” मेहनत की मिसाल IAS अधिकारी अख्तर आमिर खान वर्तमान समय में श्रीनगर में पोस्टेड हैं।

लहरों पे लहर

April 25, 2022

 लहरों पे लहर आज कल समाचारों में फिर से करोना का संकट गहरा रहा हैं।चीन के साथ साथ हांगकांग और

जल शक्ति अभियान– कैच-द-रेन 2022

April 25, 2022

 जल शक्ति अभियान– कैच-द-रेन 2022  दैनिक जीवन व पृथ्वी पर जल के महत्व को रेखांकित करने जल अभियान का विस्तार

समय का तकाज़ा

April 25, 2022

 समय का तकाज़ा  नई पीढ़ी के विचारों के साथ सामंजस्य बैठाना समय की मांग  बदलते आधुनिक परिपेक्ष में नई सकारात्मक

भ्रष्टाचार मुक्त विकासोन्मुखी भारत पर मंथन

April 25, 2022

 भ्रष्टाचार मुक्त विकासोन्मुखी भारत पर मंथन  भ्रष्टाचार – पैसा बहुत कुछ तो है पर सब कुछ नहीं  जीवन को जीवन्त

मानवीय मृत्यु का अनसुल्झा रहस्य

April 25, 2022

 मानवीय मृत्यु का अनसुल्झा रहस्य  आधुनिक प्रौद्योगिकी युग में भी मनुष्य या कोई जीव मृत देह मैं कैसे बदल जाता

Leave a Comment