Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Anita_sharma, poem

चाँद सी माँ-अनिता शर्मा झाँसी

चाँद सी माँ चाँद की शीतलता माँ में देखीशांत भावुकता से भरी हुई।बच्चों को देखकर मुस्कुरातीज्यों शरद् चंद्र,श्वेत रजत बिखरे।स्निग्धता …


चाँद सी माँ

चाँद सी माँ-अनिता शर्मा झाँसी

चाँद की शीतलता माँ में देखी
शांत भावुकता से भरी हुई।
बच्चों को देखकर मुस्कुराती
ज्यों शरद् चंद्र,श्वेत रजत बिखरे।
स्निग्धता वात्सल्य से परिपूर्ण
चाँदनी सी शान्ति से परिपूर्ण चेहरा।
परिवार की रौशनी की ध्रुवी माँ
सम्पूर्ण परिवार की रौनक माँ।
कितना शान्त आत्मसात चेहरा
मन में चाहे चंदा सी घट बढ़ हो।
उतार चढ़ाव भावों मनोभावों के
फिर भी चंद्र किरण बिखराती।
अंधकार से बचाकर प्रकाश भरे
माँ चंदा, चंदन सी शीतलता तुम हो।
शान्त स्थिरता और परिपक्वता
कितनी करूणानिधि गुणी हो माँ।
ईश्वर की शुभ कृति है माँ।।

अनिता शर्मा झाँसी


Related Posts

खालसा-हरविंदर सिंह ”ग़ुलाम”’

June 5, 2022

 खालसा अंतर्मन में नाद उठा है  कैसा ये विस्माद उठा है  हिरण्य कश्यप के घर देखो  हरी भक्त प्रह्लाद उठा

साहित्यकार महान

June 4, 2022

 साहित्यकार महान शब्दों के महाजाल का चक्रव्यूह बड़ा जंजाल इसमें उलझ सुलझ बने तीखे शब्द विकार लेखक है रोक ना

मदर अर्थ, पृथ्वी!

June 4, 2022

 मदर अर्थ, पृथ्वी! मैं हूं सौरमंडल की सबसे सुंदर ग्रह,जहां जीव जंतु का जीवन है संभव,निवास करती है मुझ में

शिकायतें ना करें!

June 4, 2022

 शिकायतें ना करें! क्यों करें किसी से शिकायत, क्या स्वयं हे हम इसके लायक, खुद को आईने मैं झांके तो,

संपूर्ण निष्ठा!

June 4, 2022

 संपूर्ण निष्ठा! बुरा वक्त दर्द दे जाता है, अच्छे वक्त की उम्मीद भी लाता है, दोनों का एहसास भी जरूरी

मां का असीम प्रेम

May 26, 2022

 मां का असीम प्रेम! सबसे भोली , प्यारी हे मां, है यह तो प्रेम की प्रतिमा, इसकी गोदी में बसा

PreviousNext

Leave a Comment