Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, satyawan_saurabh

गुरुवर जलते दीप से(शिक्षक दिवस विशेष)

गुरुवर जलते दीप से दूर तिमिर को जो करें, बांटे सच्चा ज्ञान। मिट्टी को जीवित करें, गुरुवर वो भगवान।। जब …


गुरुवर जलते दीप से

Techears day( buddha teaching)
दूर तिमिर को जो करें, बांटे सच्चा ज्ञान।
मिट्टी को जीवित करें, गुरुवर वो भगवान।।

जब रिश्ते हैं टूटते, होते विफल विधान।
गुरुवर तब सम्बल बने, होते बड़े महान।।
नानक, गौतम, द्रोण सँग, कौटिल्या, संदीप।
अपने- अपने दौर के, मानवता के दीप।।
चाहत को पर दे यही, स्वप्न करे साकार।
शिक्षक अपने ज्ञान से, जीवन देत निखार।।
शिक्षक तो अनमोल है, इसको कम मत तोल।
सच्ची इसकी साधना, कड़वे इसके बोल।।
गागर में सागर भरें, बिखराये मुस्कान।
सौरभ जिसे गुरू मिले, ईश्वर का वरदान।।
शिक्षा गुरुवर बांटते, जैसे तरुवर छाँव।
तभी कहे हर धाम से, पावन इनके पाँव।।

अंधियारे, अज्ञान को, करे ज्ञान से दूर।
गुरुवर जलते दीप से, शिक्षा इनका नूर।।

-(सत्यवान ‘सौरभ’ के चर्चित दोहा संग्रह ‘तितली है खामोश’ से। )

About author

Satyawan saurabh
 
– डॉo सत्यवान ‘सौरभ’
कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट,

333, परी वाटिका, कौशल्या भवन, बड़वा (सिवानी) भिवानी, हरियाणा – 127045
facebook – https://www.facebook.com/saty.verma333

twitter- https://twitter.com/SatyawanSaurabh


Related Posts

Sawan aur shiv kavita by Dr Indu kumari

July 31, 2021

 सावन और शिव पहला सावन और सोमवार बरसती है शिव का प्यार रिमझिम- रिमझिम हो फुहार भक्ति की बहती बयार

Pyar tumse bahut chahti thi by antima singh

July 31, 2021

 शीर्षक- प्यार तुमसे बहुत चाहती थी। प्यार तुमसे तुम्हारा बहुत चाहती थी, बोलो ना..ये क्या मैं गलत चाहती थी……..? माना, खूबसूरत

mitti ka chulha by deepak sharma

July 31, 2021

 मिट्टी का चूल्हा         1 जब आया था मेरे घर में उज्ज्वला योजना के तहत गैस सिलेंडर

Aadhunik bhagwan kavita by Jitendra Kabir

July 31, 2021

 आधुनिक भगवान पौराणिक किस्से-कहानियों में पढ़ा-सुना था – भगवान सत्य बोलने वालों की परीक्षा कड़ी लिया करते थे, तो देखो

Satringi sapne kavita by indu kumari

July 31, 2021

 शीर्षक- सतरंगी सपने   सतरंगी सपने सजाओ मेरे लाल दिखा दुनिया को करके कमाल अनवरत रूप से करो प्रयास मंजिल

Aashkti me nasht huaa kul by Anita Sharma

July 31, 2021

आसक्ति में नष्ट हुआ कुल, आसक्ति में नष्ट हुआ कुल, हाँ कौरवों का नाश हुआ। ** नहीं ग़लत दुर्योधन भ्राता

Leave a Comment