Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Siddharth_Gorakhpuri

गर मुश्किलों में रखकर तूँ कोई हल निकाले

गर मुश्किलों में रखकर तूँ कोई हल निकाले गर मुश्किलों में रखकर तूँ कोई हल निकालेजो टूट मैं गया तो …


गर मुश्किलों में रखकर तूँ कोई हल निकाले

गर मुश्किलों में रखकर तूँ कोई हल निकाले
जो टूट मैं गया तो रखना थोड़ा सम्भाले

आंसुओं की बारिश हो रही मुसलसल
सैलाब आ रहा है अब तो मुझे बचा ले

मैं तेरा हूँ! ये हरदम कहता था तूँ मुझी से
तो.. ले मैं कर रहा हूँ खुदको तेरे हवाले

रौशनी मैं दे रहा था ढलते ही शाम जिनको
वो दे रहें हैं दिन में अक्सर मुझे उजाले

औरों की बात तुमसे कहना नहीं मुनासिब
अब जिसकी जितनी मर्जी उतना मुझे सता ले

तेरे वायदे का क्या है जो तुमने कर दिया था
क्या वायदी लफ्जों को जेहन से हम हटा लें

About author

-सिद्धार्थ गोरखपुरी

-सिद्धार्थ गोरखपुरी


Related Posts

दिल्ली शहर-डॉ. माध्वी बोरसे

February 7, 2022

दिल्ली शहर! भारतीय गणराज्य की राजधानी,इसका इतिहास है गौरवशाली,एक विशेष केंद्र शासित प्रदेश,महाभारत काल से इसका उल्लेख रहा विशेष! देश

अधूरे ख़्वाब-नंदिनी लहेजा

February 7, 2022

अधूरे ख़्वाब मन की अनेकों हसरतों को, इक सांचे में जो ढाले।नयनों में समाते है वो,बन ख़्वाब बड़े ही प्यारे।लक्ष

कृत्रिम बुद्धिमता-एडवोकेट किशन सनमुखदास

February 7, 2022

कविताकृत्रिम बुद्धिमता आजकल कृत्रिम बुद्धिमता की लहर छाई है हर काम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भावना समाई है मानवीय दिनचर्या

गणतंत्र दिवस-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 7, 2022

गणतंत्र दिवस! 26 जनवरी 1950 में भारतीय संविधान लागू किया,भारत को पूर्ण रूप से गणतंत्र घोषित कर दिया! परेड, भाषण,

हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं

February 7, 2022

कविता हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हम अत्यंत सौभाग्यशाली हैं हमारी किस्मत खुली भारतीय सभ्यता संस्कृति हमें मिली हमारी पीढ़ियों की

ई-कचरा

February 7, 2022

ई-कचरा! कंप्यूटर और उससे संबंधित अन्य उपकरण,टीवी, वाशिंग मशीन, मोबाइल फोन से जुड़े उत्पादन,उपयोग से बाहर होने पर कहते हैं

Leave a Comment