Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Bhaskar datta, poem

कविता – रातों का सांवलापन

रातों का सांवलापन आकाश रात में धरती को जबरन घूरता हैक्योंकि धरती आसमान के नीचे हैऔर मेरा मनऊपर खिले उस …


रातों का सांवलापन

कविता – रातों का सांवलापन

आकाश रात में धरती को
जबरन घूरता है
क्योंकि धरती आसमान के नीचे है
और मेरा मन
ऊपर खिले उस छोटे से फूल को
जो सबको बराबर दिखता है
दिन में नहीं,
केवल रातों को दिखाई देता है
मगर सांवली रात हो तो….
आंखें चांद को एकटक घूरती हैं
ठीक उसी तरह जैसे
आसमान नीचे घूरता है
दोनों में अंतर है तो बस इतना
कि पहला दिन में भी ताकता है
लेकिन नशीली आँखें
रात का इंतज़ार करती हैं
ताकि वे देख सकें
अपनी काली आंखों से
अपने ही समान
स्वच्छ, सफेद , निर्मल ‘चंद्रमा’ को
जो सफेद होकर भी बेदाग़ नहीं है
बावजूद इसके
काली आँखों पर
चाहे कितनी ही सफेद पट्टियाँ
मज़बूती से कस दो
पर वे सुबूत मांगती हैं…..!
आखिर कब तक
ऐसे खिलंदड़
भागते फिरेंगें
कभी तो न्याय मिलेगा?
चापलूस वकीली पेशकारों
और न्यायिक ढोंग पंथी जजों से
तभी धरती की शीतलता
आसमानी नजारों से दूर होगी…
चांद सांवली रात को गले लगाकर
दूर से मुस्कुरायेगा कि
अचानक पता चलेगा
दिवस का सूर्य-‘भास्कर’
अपनी मंद-मंद मुस्कान
धरती के प्रत्येक अंश में
प्रवाहित करते हुए गतिमान हुआ
कि रातों का सांवलापन छंट गया….

About author

भास्कर दत्त शुक्ल  बीएचयू, वाराणसी
भास्कर दत्त शुक्ल
 बीएचयू, वाराणसी


Related Posts

बन्दा नवाज

June 24, 2022

 बन्दा नवाज        मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी” हर जर्रा – जर्रा उसका ही मोहताज है । हर जर्रे –

बलात्कार

June 24, 2022

 बलात्कार डॉ. इन्दु कुमारी  दरिंदगी की पहचान है  समाज का अभिशाप है  गंदगी की अंबार है  संकुचित विचारों का  गंदी

पृथ्वी दिवस

June 24, 2022

 पृथ्वी दिवस डॉ. इन्दु कुमारी  वसुंधरा को आइए  पेड़ों से सजाइए  वन बागों से इस धरा पर  जीवन की फसलें

प्रकृति के आंचल

June 24, 2022

 प्रकृति के आंचल डॉ. इन्दु कुमारी  प्रकृति हमारी हम प्रकृति के  सजाएंगे हम तो पाएंगे हम  लगाएंगे हम खाएंगे हम 

बुढ़ापे की मुंडेर

June 24, 2022

 बुढ़ापे की मुंडेर डॉ. इन्दु कुमारी  जन्म लिए बचपन बीते  खुशियों के होंठ खिले  बचपन के छोटे पौधे  फूल रूप

बेटी हुई

June 24, 2022

 बेटी हुई  डॉ. इन्दु कुमारी धीमी आवाज में  कहते बेटी हुई।  पापा देखो तेरी बेटी  आईपीएस की  टॉपर हुई। जिसका

PreviousNext

Leave a Comment