Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Bhaskar datta, poem

कविता –मैं और मेरा आकाश

मैं और मेरा आकाश मेरा आकाश मुझमें समाहितजैसे मैप की कोई तस्वीरआँखों का आईना बन जाती हैआकाश की सारी हलचलजिंदगी …


मैं और मेरा आकाश

मेरा आकाश मुझमें समाहित
जैसे मैप की कोई तस्वीर
आँखों का आईना बन जाती है
आकाश की सारी हलचल
जिंदगी की भाग-दौड़ बन जाती है
संघर्ष जिंदगी और जिंदगी संघर्ष बन जाती है
लेकिन गाँवों,शहरों में हल्ला होता है
देखो,पट्ठा मेहनती और परिश्रमी है।
जैसे कोई मुकदमें की तारीख पड़ती है
जिससे गाँव शहर और शहर गाँव बन जाता है,
उसी से एक प्रत्यक्ष अनुभव
तड़पती पगडंडी के गहन कर्मरत
लक्ष्य का अंकुरित बीज बन जाता है।

‘लुम्पेन’ की तरह नहीं, सच्चे पथिकों का
एक सहजता से युक्त सफलता का आशिक़ बन जाता है
किताबों की दुनिया का तीरंदाज|

जिसे आकाश की ऊँचाई को छू लेने का जज़्बा ही नहीं,
आत्मविश्वास भी उभरता है।
और तब आकाश के सभी तारे चमक उठते हैं
चमकीले शुक्र की अतल रोशनी में|
इतना ही नहीं,चंद्र सूर्य और सूर्य चंद्र बन जाता है|
कहीं चाँदनी रात की ठण्डक होती है,
तो कहीं सूर्य ‘भास्कर’ बन जाता है|
आखिर आकाश की हर ख्वाहिश पानी से डूबे बर्तनों की परछाईं बन जाती है
और तब मेरा आकाश मुझमें और मैं आकाश बन जाता हूँ|

About author

भास्कर दत्त शुक्ल  बीएचयू, वाराणसी
भास्कर दत्त शुक्ल
 बीएचयू, वाराणसी

Related Posts

जीवन की यात्रा!

August 5, 2022

जीवन की यात्रा! उम्मीद के दीए को जलाकर,दर्द और तकलीफ को भूलाकर,मुश्किलों को सुलझा कर,हिम्मत को खुद में समाकर,जीते जा

अब भी हिम्मत बाकी है!

August 5, 2022

अब भी हिम्मत बाकी है! मुसीबतों का भंडार है,हर तकलीफ का संहार है,अब भी तुझ में हिम्मत बाकी है,दृढ़ता तेरा

जाने के बाद।

August 5, 2022

जाने के बाद। कुछ हो जाने के बाद,उसके बारे में क्यों सोचना,कुछ खो जाने के बाद,उसे सोच कर क्यों रोना।

मन मेरा पुकारे…….

August 5, 2022

मन मेरा पुकारे……. मन मेरा पुकारे काना प्यारेकहाँ है ढिकाना हमको बता देकरनी है बातें तुझ से कब से हम

शीर्षक : लड़की और समाज

August 5, 2022

शीर्षक : लड़की और समाज लड़की का जीवनसिमटकर रह जाता है ,चौखट , चूल्हे , चौके तक । जन्म के

आज भी वो दिन हमको याद है

August 5, 2022

याद है वो दिन आज भी आज भी वो दिन हमको याद हैसर पर हमारे मोहब्बत ए ताज हैआज सीने

PreviousNext

Leave a Comment