Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Siddharth_Gorakhpuri

कविता – न मिला

कविता – न मिला एक उम्र खरच कर कुछ न मिलातुमको क्या पता सचमुच न मिलाक्या हुआ है कोई धरती …


कविता – न मिला

एक उम्र खरच कर कुछ न मिला
तुमको क्या पता सचमुच न मिला
क्या हुआ है कोई धरती पर
के जिसको थोड़ा भी दुःख न मिला

अपार हर्ष के साथ सहर्ष
निज आगमन को स्वीकार किया
कुछ ही सपनों का जीवन में
फिर से जीर्णोद्धार किया
धीरज को जेहन तक ले जाए
ऐसा कोई सम्मुख न मिला
क्या हुआ है कोई धरती पर
के जिसको थोड़ा भी दुःख न मिला

जीवन में हर दिन बाधा लेकर
कभी पूरा तो कभी आधा लेकर
आदमी सुखी रहा है कभी?
कम या थोड़ा ज्यादा लेकर
आदमी कभी तृप्त हुआ ही नहीं
फिर कैसे कहे के कलुष न मिला
क्या हुआ है कोई धरती पर
के जिसको थोड़ा भी दुःख न मिला

आदमी क्या कभी निर्विवाद रहा
क्या जीवन भर वो आबाद रहा
जिसे भूल गया उसे याद किया
जो भूल गया उसे याद रहा
फिर जीवन भर ये खेल चला
और मानुष को भल मानुष न मिला
क्या हुआ है कोई धरती पर
के जिसको थोड़ा भी दुःख न मिला

About author

-सिद्धार्थ गोरखपुरी

-सिद्धार्थ गोरखपुरी


Related Posts

पता नहीं क्यों

October 17, 2022

कविता –पता नहीं क्यों मुझे घर का कोइ एक सख्श याद नहीं आता। मुझे याद आता है वो भाव, वो

तेरे इश्क में

October 17, 2022

तेरे इश्क में तेेरे नाम से ये शामआबाद हो गया कुछ लिखने जो हम बैठेखाली दवात हो गया तुझे सोचा

दिव्य प्रकाश।

October 17, 2022

दिव्य प्रकाश। ऐसा प्रकाश हम बने,दिव्य उजाला लेकर आए,अंधेरे है जीवन में बहुत घने,हम भी थोड़ी रोशनी बन जाए। अपने

आओ मिलकर जीवन बचाएं।

October 17, 2022

आओ मिलकर जीवन बचाएं। धीरे-धीरे पर्यावरण हो रहा है प्रदूषित,वायु, जल, भूमि सब हो रहा है दूषित,बढ़ती जा रही है

गलती करो पर पछतावा नहीं।

October 17, 2022

गलती करो पर पछतावा नहीं। गलती करो पर पछतावा की जगह,उस गलती से सीखो,पछतावे के दर्द में रोने की जगह,बल्कि

कामयाबी के शिखर

October 17, 2022

कामयाबी के शिखर हमें कामयाबी ,शिखर पर चढ़ना है।हमें और भी आगे बढ़ते रहना है। दीवार चाहे कोई आ जाएपहाड़

PreviousNext

Leave a Comment