Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, Siddharth_Gorakhpuri

कविता – नारी | kavita Naari| naari par kavita

कविता – नारी | kavita Naari| Naari par kavita  जिम्मेदारियों का बोझ जिसके सरहोता हैवही जानता है कैसे गुजर – …


कविता – नारी | kavita Naari| Naari par kavita 

कविता - नारी | kavita Naari| naari par kavita

जिम्मेदारियों का बोझ जिसके सर
होता है
वही जानता है कैसे गुजर – बसर
होता है
घर में क्या है क्या नहीं ये जानता भी है
क्या कोई?
संभाले रखती है ताउम्र तब जाके घर!
घर होता है

सबको खिला देना तब जाकर खुद
खाना
सबको रौशन करना और आहिस्ते से
बुझ जाना
क्या उसके गम का किसी को खबर
होता है
संभाले रखती है ताउम्र तब जाके घर!
घर होता है

बच्चों की जिम्मेदारी घर के बड़ो की
सेवादारी
सब अकेले ही देखना जीवन भर की
जिम्मेदारी
सब करते रहना और कुछ न कहना
यार!! उसे कैसे सबर होता है
संभाले रखती है ताउम्र तब जाके घर!
घर होता है

नाम के लिए नारी पर है पत्नी, बहन,
बेटी, मासी, काकी,दादी,माँ
खुद से ज्यादे दूसरों की फिकर
वो करती रहती है खामखा
खुद को ठीक से निहार नहीं पाती
पर सब पर बराबर नज़र होता है
संभाले रखती है ताउम्र तब जाके घर!
घर होता है

रूप तुम्हारे भले अनेक पर वैसे तो तुम
नारी हो
तुम्हारे कर्त्तव्य के एवज में सारा संसार
आभारी हो
सम्मान तुम्हारा बना रहे और तुम निर्मल पावन बनी रहो
मुश्किल हालातों में फौलादी बन मुश्किल के आगे तनी रहो
वह घर नरक बन जाता है जहाँ
तेरा अपमान भयंकर होता है
संभाले रखती है ताउम्र तब जाके घर!
घर होता है

About author

-सिद्धार्थ गोरखपुरी

-सिद्धार्थ गोरखपुरी


Related Posts

प्राथमिकता में नहीं- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

प्राथमिकता में नहीं जब सरकारें देने लगें सियासी लड़ाईयां जीतने परध्यान ज्यादाऔर ज़िंदगी की लड़ाई हार रहीजनता पर कम,तो समझ

प्रेम रहेगा हमेशा- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

प्रेम रहेगा हमेशा हम पहले इंसान नहींजो प्रेम में हैंऔर विश्वास करोकि हम आखिरी भी नहीं होंगे,नफरत, घृणा, स्वार्थ, हिंसाऔर

चुप्पी की कीमत- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

चुप्पी की कीमत अगर तुम्हारा कोई पड़ोसीकुछ हथियारों और गुण्डों के बल परधावा बोल देतुम्हारे घर पर कब्जे के लिए,तो

मौत के व्यापारी- जितेन्द्र ‘कबीर’

March 25, 2022

मौत के व्यापारी नशे के व्यापार सेफायदा उठाने वाले लोगजब तक मौजूद हैं इस दुनिया में,नशामुक्त समाज के आह्वानऔर दावे

प्यारा बचपन-अनिता शर्मा

March 25, 2022

प्यारा बचपन परिवार में बड़ी शक्ति है मन प्रसन्नता से भर जाता बच्चों का खिलता चेहरा तो सराबोर हो हर

होलिका दहन-अनिता शर्मा

March 25, 2022

होलिका दहन जला कर राख कर दो अपनी सभी दुर्भावनाएॅ।चलो मनों में भरे सद्भावनामिटाये बैर दिलों से अपने।दहन कर दे

Leave a Comment