Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, sudhir_srivastava

अलविदा- सुधीर श्रीवास्तव

अलविदा अब तुम जा रहे होन तनिक सकुचा रहे हो,लगता है बड़े बेशर्म हो गये हो।जाओ न हम भी कहां …


अलविदा

अलविदा- सुधीर श्रीवास्तव
अब तुम जा रहे हो
न तनिक सकुचा रहे हो,
लगता है बड़े बेशर्म हो गये हो।
जाओ न हम भी कहां कम हैं

तुम्हारे जाने से कुछ फर्क नहीं पड़ता
बस हमारे जीवन का एकवर्ष
अपने साथ ले जा रहे हो,
अपने भाई को हमारे सिर पर
बैठाकर भी जा रहे हो।
तुम अच्छे बुरे जैसे भी थे
शिकवा शिकायत नहीं हमें
बस इतना समझा देना अपने भाई को
हम पर जरा रहम करे,

सूकून से जीने खाने कमाने दे,
जैसे दो हजार बीस ने तुम्हें समझाया था
तुम्हें समझ भी आया था,
पर जाते जाते तुमनें भी
तुम अपना रंग दिखा ही दिया।

अब तुम जा रहे हो तब
तुम्हें कोसना अच्छा नहीं लगता
तुम्हें अलविदा करते समय
मुँह मोड़ना अच्छा नहीं लगता।

अब तुम जाओ दो हजार इक्कीस
तुम्हें अलविदा कहता हूँ,
जैसे तुम्हारा स्वागत किया था
उसी तरह दो हजार बाइस के स्वागत में
आज भी ठीक वैसे ही खुश होकर
एक बार फिर से खड़ा हूँ।

सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उ.प्र.
8115285921
©मौलिक, स्वरचित


Related Posts

Kavita kyu aapas me ladna by kamal siwani

July 3, 2021

 क्यूँ आपस में लड़ना ? जाति -धर्म के नाम पर नित दिन, क्योंकर रार मचाते ? हर मानव एक ही

banega apna Desh mahan by Jitendra kabir

July 3, 2021

 बनेगा अपना देश महान कल तक थे जो चोर–बेईमान, वो बन गये हैं रातों–रात ही बड़े शरीफ इंसान, अवसरवादियों को

Yadon ka tarana by kalpana kumari

July 3, 2021

यादों का तराना *** इस कदर सजाया है तेरी यादों को, कि मेरा आशियाना बन चुका है, इन्हीं आशियाने में,

Kaise puja? By kamal siwani bihar

July 3, 2021

 कैसी पूजा ? दया – प्रेम ना उर अंतर में , और पूजा पत्थर की । हे मानव यह कैसी

Parwah kaun karen by kalpana kumari

July 3, 2021

व्यंग्य-कवितापरवाह कौन करे जो स्वत: मिल रहा जीवन में, उसकी परवाह कौन करे। आती सांसे जाती सांसे, सांसो पर जो

Naari by kamal siwani ramgadh bihar

July 3, 2021

 नारी होती जहाँ नारी की पूजा , वहाँ देव बसते हैं । है वह देवी रूप जगत में , ग्रंथादिक

Leave a Comment