Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Anita_sharma, poem

होली की फुहार- अनिता शर्मा झाँसी

होली की फुहार होली आई रे आई दिलों में छाई।गाओ रे गाओ खुशी के गीत गाओ।रंगों संग फुहार बरसे प्रियतम …


होली की फुहार

होली की फुहार- अनिता शर्मा झाँसी

होली आई रे आई दिलों में छाई।
गाओ रे गाओ खुशी के गीत गाओ।
रंगों संग फुहार बरसे प्रियतम का प्यार बरसे।
गाओ खुशी के गीत गाओ सखी।
गोरी के गुलाल लाल-लाज लजीले।
दिलों में उमंगे महके सजन संग।
गलियों में धूम मचायें टोली ।
रंगों गुलालों की धूम सब ओर है।
किसी को रंग लगाया।
किसी को खूब डराया।
बुरा न माने कोई भी अब।
ढूंढ कर रंग लगाओ,गले से उन्हें लगायें।
संग गुजिया पपडिया,खाते हैं मिल कर।
हमजोली खूब मिले हैं।
फागुन आया झूम झूम के।
टेसू के फूलों की डाली।
रंगों से भरी पिचकारी।
अर्-र्-बुरा न मानो,झूमो नाचो और गाओ।
कोई भी बुरा न मानो।

अनिता शर्मा झाँसी


Related Posts

राजनीति के सियार- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

राजनीति के सियार पैसा किसी के हथियार है,लालच किसी का हथियार है,इसी सनातन मोह कोसत्ता तक पहुंचने की सीढ़ी बनातेआजकल

श्रेष्ठता के मानक- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

श्रेष्ठता के मानक यह गवारा नहीं समाज कोकि सिर्फ अपनी प्रतिभा, लगन औरमेहनत के आधार पर कोई इंसानसमाज में उच्चतम

किस मुगालते में हो?- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

किस मुगालते में हो? एक बात सच – सच बताओ..अभी तक नहीं हुए हो क्या तुमव्यवस्थागत अथवा व्यक्तिगतकिसी बेइंसाफी के

नेताजी – डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

नेताजी सुभाष चंद्र बोस तू ,गये तो गएभारत माँ के भाल, सजा के गएस्वर्णाक्षरों में नाम, लिखा के गएलाल थे

सबसे ख़तरनाक जहर- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

सबसे ख़तरनाक जहर वो बहुत अच्छे से जानते हैंकि जहर की कितनी मात्रा रोज देने सेमर जाती हैं एक इंसान

ऐ चाँद- डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

ऐ चाँद लिख रही तेरी दास्तानशीतलता करते प्रदानदागदार वह कहलाते हैंजीवों के हित आते हैंचाँदनी फिर छिटकाते हैंनिशब्द भरी रातों

Leave a Comment