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हर दिन करवा चौथ●

हर दिन करवा चौथ● जिनके सच्चे प्यार ने, भर दी मन की थोथ ।उनके जीवन में रहा, हर दिन करवा …


हर दिन करवा चौथ●

जिनके सच्चे प्यार ने, भर दी मन की थोथ ।
उनके जीवन में रहा, हर दिन करवा चौथ ।।

हम ये सीखें चाँद से, होता है क्या प्यार ।
कुछ कमियों के दाग से, टूटे न ऐतबार ।।

मन ने तेरा व्रत लिया, हुई चाँदनी शाम ।
साथी मैंने कर दिया, सब कुछ तेरे नाम ।।

मन में तेरा प्यार है, आँखों में तस्वीर ।
हर लम्हे में है छुपी, बस तेरी तासीर ।।

अब तो मेरी कलम भी, करती तुमसे प्यार ।
नाम तुम्हारा ही लिखे, कागज़ पर हर बार ।।

मन चातक ने है रखा, साथी यूँ उपवास ।
बुझे न तेरे बिन परी, अब ‘सौरभ’ की प्यास ।।

तुम राधा, मेरी बनो, मुझको कान्हा जान ।
दुनिया सारी छोड़कर, धर लें बस ये ध्यान ।।

मेरे गीतों में बसी, बनकर तुम संगीत ।
टूटा हुआ सितार हूँ, बिना तुम्हारे मीत ।।

माने कब हैं प्यार ने, ऊँच-नीच के पाश ।
झुकता सदा ज़मीन पर, सज़दे में आकाश ।।

About author

Satyawan saurabh
 
– डॉo सत्यवान ‘सौरभ’
कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट,

333, परी वाटिका, कौशल्या भवन, बड़वा (सिवानी) भिवानी, हरियाणा – 127045
facebook – https://www.facebook.com/saty.verma333

twitter- https://twitter.com/SatyawanSaurabh



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