Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, sudhir_srivastava

स्व विचार जीवन का मकसद

 स्व विचारजीवन का मकसद सुधीर श्रीवास्तव          यूं तो जीवन का कुछ न कुछ मकसद हर किसी …


 स्व विचार
जीवन का मकसद

सुधीर श्रीवास्तव
सुधीर श्रीवास्तव

         यूं तो जीवन का कुछ न कुछ मकसद हर किसी का होता है। जिसमें अधिकांशतः उसके या उसके अपनों का स्वार्थ किसी न किसी रूप में छिपा होता है।

          मगर वास्तव में जीवन का मकसद सर्वहितकारी, सर्वकल्याणकारी हो तो सबसे बेहतर है। जरुरी नहीं कि आप धनाढ्य,साधन संपन्न ही हों। जरुरी है हमारे, आपके स्पष्ट विचारों की, चिंतन की। किसी की छोटी से छोटी सहायता, सहयोग और संबल भी हम अपने जीवन का उद्देश्य बना लें, किसी एक चेहरे पर एक पल के लिए भी मुस्कान लाने में सफल हों सकें।यही जीवन का मकसद होना चाहिए।

            हमें लगता है कि हम समाज, राष्ट्र के लिए कुछ नहीं कर सकते, क्योंकि हम सुविधा विहीन हैं। मगर मेरा विचार है कि हम अपने जीवन का कोई मकसद नहीं बना पा रहे हैं। क्योंकि हमारी नियति अस्पष्ट और पीठ दिखाने की है। वरना इस शरीर से बड़ा धन और क्या है?

             एक बार हौसला कीजिए, जीवन का मकसद तय कीजिए और फिर देखिए कि अब तक जीवन में छोटे से छोटा कार्य भले ही समाज, राष्ट्र के लिए भले न किया हो, पर आज आपके जीवन का मकसद जरुर पूरा होगा।

            बस रक्तदान, नेत्रदान, अंगदान, देहदान का संकल्प भर कीजिए। निश्चित मानिए आपका ये मकसद न केवल किसी की जान बचायेगा, बल्कि किसी की अंधेरी दुनिया में उजाला भी लायेगा। शोध के नये नये आयाम स्थापित करने और भविष्य के लिए अनेकों बीमारियों के इलाज, नई खोज में सहायक होगा और आपका जीवन सफल हो जायेगा। यही नहीं इस जहान से विदा होकर भी आप जीवित रह सकेंगे।

           जरुरत है कि हमारे जीवन का उद्देश्य स्पष्ट और व्यापक हितार्थ के परिप्रेक्ष्य में हो,जो औरों के लिए नजीर बन सके। तभी जीवन के मकसद की सार्थकता है। 

सुधीर श्रीवास्तव

गोण्डा उत्तर प्रदेश

८११५२८५९२१

© मौलिक, स्वरचित

०१.०५.२०२२


Related Posts

कोरोना कहर की रफ्तार में तेज़ी

April 5, 2023

कोरोना कहर की रफ्तार में तेज़ी सुनिए जी ! सावधान रहिएगा, भारत में कोविड की फ़िर तेज़ रफ्तार हर व्यक्ति

हकीकत प्रतीत होता पौराणिक शाब्दिक ताना-बाना!

April 5, 2023

हकीकत प्रतीत होता पौराणिक शाब्दिक ताना-बाना! काम कौड़ी का नहीं फुर्सत ढेले की नहीं सबको अपने से मतलब है इसलिए

साठ की उम्र में भी फिट रहने के लिए महिलाओं को क्या करना चाहिए

April 4, 2023

साठ की उम्र में भी फिट रहने के लिए महिलाओं को क्या करना चाहिए ‘अभी तो मैं जवान हूं…’ यह

प्रतियोगिता | competition

April 4, 2023

प्रतियोगिता | competition प्रतिस्पर्धा एक प्रकार के उद्दीपक का कार्य करता है मनुष्य के जीवन में।जिससे मनुष्य में एक प्रकार

अपने पैरों पर खड़ी होना मतलब गौरव सिद्ध करना

April 4, 2023

अपने पैरों पर खड़ी होना मतलब गौरव सिद्ध करना अभी जल्दी ही ऐक्ट्रेस सोनाली कुलकर्णी के नाम पर एक बड़ा

बहू आएगी तो ये खुद ब खुद सुधर जाएगा

April 4, 2023

बहू आएगी तो ये खुद ब खुद सुधर जाएगा हम तो हार गए इसको सुधारते सुधारते चलो ब्याह देते बेटे

PreviousNext

Leave a Comment