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Mamta_kushwaha, poem

शिक्षक(Teacher’s day special)

शिक्षक अज्ञानता को दूर कर हमसेज्ञान का जो पाठ पढ़ाये, वह कहलाते गुरु (शिक्षक) हमारेकरे क्या वर्णन आज, इकठ्ठा हुए …


शिक्षक

शिक्षक
अज्ञानता को दूर कर हमसे
ज्ञान का जो पाठ पढ़ाये,
वह कहलाते गुरु (शिक्षक) हमारे
करे क्या वर्णन आज,

इकठ्ठा हुए हमसब मनाने आज
“शिक्षक दिवस ” सम्मान में शिक्षक के,
अज्ञानता को दूर कर हमसे
ज्ञान का जो पाठ पढ़ाये,

करते है सादर नमन उन गुरुवर को
जो गढ़ते हमारा व्यक्तित्व कर शिक्षित हमें,
जो सिखाते हमें सही-गलत , अच्छा-बूरा ,
नैतिकता – अनैतिकता में भेद करना ,

अज्ञानता को दूर कर हमसे
जो गढ़ते हमारा उज्जवल भविष्य ,
बन पथप्रदर्शक रहे हमारे साथ
ऐसे गुरु श्रेष्ठ को सादर नमन ।

About author   

Mamta Kushwaha
ममता कुशवाहा

स्वरचित रचना
मुजफ्फरपुर, बिहार


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