Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, vyang

शासन से बेवफाई का अंजाम भुगत रहा हूं

 भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव शासन से बेवफाई का अंजाम भुगत रहा हूं पद और कुर्सी से बेवफाई किया हूं मैंने …


 भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव

शासन से बेवफाई का अंजाम भुगत रहा हूं

पद और कुर्सी से बेवफाई किया हूं
मैंने खून चूसा अब बीमारी को चुसवा रहा हूं 
जनता और शासन से धोखे का अंजाम समझ रहा हूं
शासन से बेवफाई का अंजाम भुगत रहा हूं
शासन से वफादारी करना समझा रहा हूं 
बेवफाई का अंजाम भुगत रहा हूं 
मैंने खून चूसा अब बीमारी को चुसवा रहा हूं 
शासन से बेवफाई का अंजाम भुगत रहा हूं
वर्तमान भारी तकलीफों को देखकर 
दिल में उठी आवाज़ महसूस किया हूं 
पद कुर्सी से जीवन भर हरे गुलाबी लिया हूं 
 शासन से बेवफाई का अंजाम भुगत रहा हूं
बीमारी पर लाखों खर्चा किया हूं 
परिवार में अकेला पड़ा महसूस किया हूं 
घूसखोरी का परिणाम महसूस किया हूं 
शासन से बेवफाई का अंजाम भुगत रहा हूं
जैसी करनी वैसी भरनी नजरों से देख रहा हूं 
हरे गुलाबी का नतीजा देख रहा हूं 
रिटायरमेंट के बाद बीमारी बेज्जती झेल रहा हूं 
शासन से बेवफाई का अंजाम भुगत रहा हूं
अय्याशी में जीवन बिता नतीजा भुगत रहा हूं 
दाने-दाने को मोहताज हूं समझ रहा हूं 
साथियों अब घूसखोरी करना मत समझा रहा हूं 
शासन से बेवफाई का अंजाम भुगत रहा हूं

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र 


Related Posts

अतिथि देवो भव

September 27, 2022

अतिथि देवो भव हर देश के लिए पर्यटन एक सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक समृद्धि की कुंजी है राष्ट्रीय डिजिटल पर्यटन

डॉलर बनाम रुपया

September 27, 2022

डॉलर बनाम रुपया ,डॉलर की मार रुपया लाचार डॉलर के आगे नतमस्तक होते रुपए से, पहले से मौजूद महंगाई डायन

जज़्बा जांबाज़ी भी पूंजी है हमारी

September 26, 2022

              कविता(poem) जज़्बा जांबाज़ी भी पूंजी है हमारी वित्तीय हालत ख़राब है तो क्या हुआ

नवरात्रा पावन पर्व 26 सितंबर से 5 अक्टूबर 2022 पर विशेष भक्त पुकारे, मां दौड़ी चली आए

September 26, 2022

नवरात्रा पावन पर्व 26 सितंबर से 5 अक्टूबर 2022 पर विशेष भक्त पुकारे, मां दौड़ी चली आए नवरात्रा अच्छाई की

अलविदा सत्य प्रकाश उर्फ राजू श्रीवास्तव

September 23, 2022

अलविदा कॉमेडी के नूर मनोरंजन भरपूर – हंसी चिकित्सा के धनी को सैल्यूट हंसी हमारे मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक स्वास्थ्य

पिता के लिए कोई शब्द नहीं

September 22, 2022

कविता पिता के लिए कोई शब्द नहीं पिता की ज्ञानवर्धक बातों को अनुशासन से समझते नहींपिता के लिए कोई शब्द

PreviousNext

Leave a Comment