व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं
व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं सीज़न में जनता से बड़ी-बड़ी बातें करता हूं गंभीर …
Related Posts
गड्डियों का पहाड़ घर में खड़ा किया हूं
February 16, 2023
भावनानी के भाव गड्डियों का पहाड़ घर में खड़ा किया हूं अपने इतने सालों की मौजमस्ती वाली सेवा जिसमे रोज़
जीवन जीने की कला| jeevan jeene ki kala
February 9, 2023
जीवन जीने की कला। जीवन जीने की कला,जिसने सीखी, वही आगे चला,उत्कृष्ट व्यवहार एवं विनम्रता,रखने वाला ही जीवन को सही
युवा शक्ति और उचित मार्गदर्शन (बुजुर्गों) की भागीदारी बढ़ाएं
February 8, 2023
युवा शक्ति प्लस बुजुर्ग अनुभव इक्वल टू गैरेंटेड सक्सेस आओ पीढ़ियां हाथ मिलाए, एक नया इतिहास रचें आओ युवा शक्ति
कविता –यादो का दुशाला | yadon ka dushala
February 8, 2023
कविता -यादो का दुशाला अद्भुत और अनोखा है ..तुम्हारी यादों का दुशाला, हमेशा टंगा रहता है कांधे पर, ठंड लगती
भारत का विश्व को दिशा दिखाने का हौंसला ही विश्व गुरु बनाएगा
February 7, 2023
आओ हौसलों को बुलंद रखें भारत का विश्व को दिशा दिखाने का हौंसला ही विश्व गुरु बनाएगा आओ हौंसला चीटी
Bharat desh par kavita
February 7, 2023
कविता भारत देश महान, मेरी आन बान शान भारत देश महान, मेरी आन बान शानधर्मनिरपेक्षता हैं, भारत की पहचानहर धर्म

