व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं
व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं सीज़न में जनता से बड़ी-बड़ी बातें करता हूं गंभीर …
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निगाहें- R.S.meena indian
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कविता – निगाहें इन निग़ाहों से मोहब्बत होती हैं । और इनसे क़त्ल भी होता है ।।किसी के दिल में
देशभक्त नहीं हो सकते हैं” – सचिन राणा “हीरो”
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ख्वाहिशें- आकांक्षा त्रिपाठी
December 18, 2021
ख्वाहिशें मन को हसीन करने वाली ये ख्वाहिशें, जिंदगी के समंदर में गोता लगाती येमशरूफ ख्वाहिशें। चाहत,इच्छा,मन के भाव के
सपने- सुधीर श्रीवास्तव
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श्रद्धांजलि जनरल विपिन रावत- सुधीर श्रीवास्तव
December 18, 2021
श्रद्धांजलि जनरल विपिन रावत नमन करता देश तुमको गर्व तुम पर देश को है,नम हैं आँखें भले हमारीविश्वास है कि
दरख्त और कुल्हाड़ी- सुधीर श्रीवास्तव
December 18, 2021
दरख्त और कुल्हाड़ी अरे बेशर्म मानवों! कितने बेहया हो तुममगर तुम्हें क्या फर्क पड़ता हैतुम आखिर सुनते ही किसकी हो।

