व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं
व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं सीज़न में जनता से बड़ी-बड़ी बातें करता हूं गंभीर …
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कदम-मईनुदीन कोहरी “नाचीज बीकानेरी
March 25, 2022
कदम कदम बढाओ खुशियाँ लाओबढाओ कदमनाम कमाओ ।मजदूर का कदममेहनत का कदमपसीने की कमाईकमाओ हर कदम ।।नेताओं के कदमगर सम्भले
बटवारो-नाचीज़ बीकानेरी
March 25, 2022
बटवारो आंख्याडब-डब भरसुबक – सुबकरोवती मां,म्हनैं कांई ठाअ’ दिन भी देखणा पड़सी । घणा दौरा पाळयाछाबड़ै में नागड़ाआज मूंडो टोडीयो
सता का झुनझुना-व्यंग्य- मईनुदीन कोहरी
March 25, 2022
सता का झुनझुना ( व्यंग्य) राजनीति में पद की भूख व लालसा नहीं हो तो , राजनीति में फिर लोग
तर्क या कुतर्क- जितेन्द्र ‘कबीर’
March 25, 2022
तर्क या कुतर्क जंग के समर्थन मेंकिसी के तर्कमुझे तब तक स्वीकार नहींजब तक वो खुद सपरिवारउस जंग में कूद
जनता जाए भाड़ में- जितेन्द्र ‘कबीर’
March 25, 2022
जनता जाए भाड़ में देशभक्ति की आड़ मेंकुछ लोगों ने अपने लिए जुटाईसारी सुख-सुविधाएं,बाकी बची जनता सब वस्तुओं परटैक्स भर-भरकरझोंकती
मौत की विजय- जितेन्द्र ‘कबीर’
March 25, 2022
मौत की विजय दुनिया के सभी युद्धों मेंपराजय जीवन कीऔर विजय मौत की होती है,शक्तिशाली होने का भ्रमपाले बैठा है

