व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं
व्यंग कविता –बातों में शेर हूं पर काम में ढेर हूं सीज़न में जनता से बड़ी-बड़ी बातें करता हूं गंभीर …
Related Posts
अंतिम संस्कार या अंत्येष्टि क्रिया हिंदू धर्म के 16 संस्कारों में से आखरी संस्कार
September 28, 2022
जातसंस्कारैणेमं लोकमभिजयति मृतसंस्कारैणामुं लोकम्। अंत्येष्टि – सुपुर्द-ए-ख़ाक अंतिम संस्कार या अंत्येष्टि क्रिया हिंदू धर्म के 16 संस्कारों में से आखरी
हदें
September 28, 2022
हदें शान हैं उसी में इंसान अपनी हद में रहेंजब छोड़ हद न समंदर न ही नदी बहेँइंसान ही हद
सही मात्रा
September 28, 2022
सही मात्रा मर जातें हैं बूंद भरमेंजी लेते हैं पी हलाहललंबी उम्र जी जाते हैंसुन तानों का जहरजहर तेरी फितरत
यही तो राजनीति है
September 28, 2022
व्यंग्य यही तो राजनीति है भ्रष्टाचार और भ्रष्टाचारियों की बात सुनने भर से ही मेरा मन एकदम से खिन्न
जी. एस . टी . में राष्ट्रवाद का तड़का
September 28, 2022
व्यंग्य जी. एस . टी . में राष्ट्रवाद का तड़का जुगाडू जी , बी. पी. एल . परिवार से हैं
तर्पित करते मुर्दे
September 28, 2022
व्यंग्य तर्पित करते मुर्दे हमारे राजनैतिक गिद्ध और बाबू अफसरान लोग मुर्दों का बखूबी उपयोग जानते हैं l मुर्दों का

