Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem, vyang

व्यंग्य कविता-अभी-अभी भ्रष्टाचार केस में सस्पेंड हुआ हूं| abhi abhi bhrastachar case me suspend hua hun

 यह व्यंग्यात्मक कविता भ्रष्टाचार में सस्पेंड होने के बाद फ़िर हरे गुलाबी के दम पर वापिस पदासीन होने और मिलीभगत …


 यह व्यंग्यात्मक कविता भ्रष्टाचार में सस्पेंड होने के बाद फ़िर हरे गुलाबी के दम पर वापिस पदासीन होने और मिलीभगत पर आधारित है 

व्यंग्य कविता-अभी-अभी भ्रष्टाचार केस में सस्पेंड हुआ हूं

शासकीय नौकरी में बहुत माल कमाया हूं
चकरे खिला खिला कर जेब ढीली किया हूं
भ्रष्टाचार के क्षेत्र में बहुत नाम कमाया हूं
अभी-अभी भ्रष्टाचार केस में सस्पेंड हुआ हूं

सस्पेंड होने से परेशान नहीं संतुष्ट हुआ हूं
घर में हरे गुलाबी के पहाड़ बनाया हूं
फ़िर ज्वाइन होने की जुगाड़ भिड़ाया हूं
अभी-अभी भ्रष्टाचार केस में सस्पेंड हुआ हूं

कॉलर टाइट ठस्के से समाज में खड़ा हूं
सामाजिक कार्यों में बहुत डोनेशन चढ़ाया हूं
करोड़ों इन्वेस्टमेंट कर लाखों ब्याज खाता हूं
अभी-अभी भ्रष्टाचार केस में सस्पेंड हुआ हूं

जिंदगी में हरे गुलाबी दोहान का मंत्र पाया हूं
सालों से शासन का अनुभवी पका पकाया हूं
शासन की तिजोरी खाली करने में माहिर हूं
अभी-अभी भ्रष्टाचार केस में सस्पेंड हुआ हूं

कुछ दिनों में लग जाऊंगा आश्वासन पाया हूं
हरे गुलाबी पहाड़ से कुछ चढ़ावा चढ़ाया हूं
बस ईडी एजेंसियों के डर से जी रहा हूं
अभी-अभी भ्रष्टाचार केस में सस्पेंड हुआ हूं

About author

Kishan sanmukh

-संकलनकर्ता लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

कविता:क्यों करे अपेक्षा?| kyon kare apeksha

March 15, 2023

क्यों करे अपेक्षा? एक धनी धन देगा, आत्मविश्वासी प्रण लेगा, जिसके पास जो भरपूर हैउनके पास वो उस शण मिलेगा।

पॉलिटिकल साइंस बनाम पब्लिक साइंस| political science vs public science

March 15, 2023

सब राज़नीति है और कुछ नहीं! पॉलिटिकल साइंस बनाम पब्लिक साइंस हर जगह बात यहीं समाप्त होती है कि, राजनीति

आध्यात्मिकता से जुड़कर हेट स्पीच, अनैतिक आचरण को दूर भगाएं

March 13, 2023

आओ हेट स्पीच को छोड़, मधुर वाणी का उपयोग करें आध्यात्मिकता से जुड़कर हेट स्पीच, अनैतिक आचरण को दूर भगाएं

थम जाता संसार अगर ना होती बेटियां

March 13, 2023

भावनानी के भाव थम जाता संसार अगर ना होती बेटियां घर की जान होती है बेटियांपिता की आन बान शान

कविता: शब्द | kavita: shabd

March 13, 2023

कविता: शब्द मन के अनगिनत विचारों को,सबके सन्मुख दे खोल।कहलाते है शब्द वही,या कहते इन्हें हम बोल।शब्द होते दर्पण व्यक्तित्व

हरे माधव सत्संगोउत्सव गोंदिया 18-19 मार्च 2023

March 13, 2023

।।हरे माधव दयाल की दया।। हरे माधव सत्संगोउत्सव गोंदिया 18-19 मार्च 2023 गोंदिया – वैश्विक स्तरपर भारत आदि अनादि काल

PreviousNext

Leave a Comment