Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem, vyang

योजनाओं का लाभ लिए दिए पर मिलता है भाई

व्यंग्य कविता–योजनाओं का लाभ लिए दिए पर मिलता है भाई सुशासन समागम में सीएम ने यह बात बिना हिचक के …


व्यंग्य कविता–योजनाओं का लाभ लिए दिए पर मिलता है भाई

सुशासन समागम में सीएम ने यह बात
बिना हिचक के उठाई
हकीकत धरातल पर आई
योजनाओं का लाभ दिएदिए पर मिलता है भाई

सीएम ने ब्यूरोक्रेसी को फिर आईनासूरत दिखाई
अफसरों ने मुझे अच्छी पिक्चर दिखाई
असलियत में वैसा नहीं है भाई
योजनाओं का लाभ लिएदिए पर मिलता है भाई

मोटिवेशनल स्पीकर की तरह बोले
एक्शन ऑन द स्पॉट करता हूं भाई
झूठे पिक्चर मत दिखाओ भाई
योजनाओं का लाभ लिएदिए पर मिलता है भाई

जनता जागृत है इलेक्शन आग्रत है
छवि ईमानदार बनाना है भाई
नहीं खाने दूंगा हरे गुलाबी की मलाई
योजनाओं का लाभ लिएदिए पर मिलता है भाई

अफसरों से पूछताछ करते रहता हूं भाई
संतोष नहीं हुआ तो करता हूं कार्यवाही
कर दो अब भ्रष्टाचार को सख़्त मनाई
योजनाओं का लाभ दिएदिए पर मिलता है भाई

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

कविता अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस 2021-किशन सनमुखदास

December 20, 2021

कविताअंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस 2021 अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस सबने मिलकर दिव्यांगजन को उत्साह देखकर मनाए हैं राष्ट्रपति प्रधानमंत्री ने अपने संदेश

कविता- महिला राजनीति क्षमता निर्माण-एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी

December 20, 2021

कविता महिला राजनीति क्षमता निर्माण राष्ट्रीय महिला आयोग ने राजनीति में महिलाओं के लिए क्षमता निर्माण करनेशी इज ए किंग

मुबारक हो नया साल-अजय प्रसाद

December 19, 2021

मुबारक हो नया साल लो फ़िर से नया साल मुबारक हो ज़िंदगी ये खस्ताहाल मुबारक हो। बस चंद रोज की

प्रेम में सब कुछ चलता हैं(व्यंग)-जयश्री बिरमी

December 19, 2021

प्रेम में सब कुछ चलता हैं (व्यंग) पुरानी फिल्में देख कई दृश्यों का हम मजाक उड़ाते थे।हीरो ने दौड़ती गड्डी

माँ- R.S.meena Indian

December 19, 2021

कविता माँ मैं व्रत नहीं करता ,कहीं माँ जैसी सूरत नहीं । माँ बाप को भूल जाऊ,ऐसा कभी मुहूर्त नहीं

पता नही-अजय प्रसाद

December 18, 2021

“पता नहीं “ खुश हूँ मैं या खफ़ा पता नही दुआ हूँ के बददुआ पता नही । हलचल तो है

Leave a Comment