मेरी दादी माँ| meri dadi maa
मेरी दादी माँ आज की शाम मेरी दादी के नाम कर रहे सब आज तुम्हारी बातें इकट्ठा हो घर के …
Related Posts
“श्रृंगार रस”
June 22, 2022
“श्रृंगार रस” वो लम्हा किसी नाज़नीन के शृंगार सा बेइन्तहाँ आकर्षक होता है, जब कोई सनम अपने महबूब की बाँहों
खालसा-हरविंदर सिंह ”ग़ुलाम”’
June 5, 2022
खालसा अंतर्मन में नाद उठा है कैसा ये विस्माद उठा है हिरण्य कश्यप के घर देखो हरी भक्त प्रह्लाद उठा
साहित्यकार महान
June 4, 2022
साहित्यकार महान शब्दों के महाजाल का चक्रव्यूह बड़ा जंजाल इसमें उलझ सुलझ बने तीखे शब्द विकार लेखक है रोक ना
मदर अर्थ, पृथ्वी!
June 4, 2022
मदर अर्थ, पृथ्वी! मैं हूं सौरमंडल की सबसे सुंदर ग्रह,जहां जीव जंतु का जीवन है संभव,निवास करती है मुझ में
शिकायतें ना करें!
June 4, 2022
शिकायतें ना करें! क्यों करें किसी से शिकायत, क्या स्वयं हे हम इसके लायक, खुद को आईने मैं झांके तो,
संपूर्ण निष्ठा!
June 4, 2022
संपूर्ण निष्ठा! बुरा वक्त दर्द दे जाता है, अच्छे वक्त की उम्मीद भी लाता है, दोनों का एहसास भी जरूरी
.jpg)