Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, satyawan_saurabh

पिता नीम का पेड़ !

पिता नीम का पेड़ ! डॉo सत्यवान सौरभ ★★★★हम कच्चे से है घड़े, और पिता कुम्हार !ठोक पीट जो डांट …


पिता नीम का पेड़ !

पिता नीम का पेड़ !
डॉo सत्यवान सौरभ
★★★★
हम कच्चे से है घड़े, और पिता कुम्हार !
ठोक पीट जो डांट से, हमको दे आकार !!
★★★★
सिर पे ठंडी छाँव-सा, पिता नीम का पेड़ !
कड़वा लगता है मगर, है जीवन की मेड़ !!
★★★★
पाई-पाई जोड़ता, पिता यहाँ दिन रात !
देता हैं औलाद को, खुशियों की सौगात !!
★★★★
पापा ही अभिमान है, पापा ही संसार !
नगपति से अविचल खड़े, पापा है आधार !!
★★★★
मन में भावों को भरे, पिता रहें गंभीर !
मां जैसा है प्यार लिए , किंतु अलग तस्वीर !!
★★★★
सूरज से होते पिता, लगते गरम जरूर !
अँधेरा सा छा उठे, अगर न हो ये नूर !!
★★★★
एक पिता के कर्ज को, समझे क्या संतान !
चुपचाप आँसूँ पिये, करता सब बलिदान !!
★★★★
रौनक इनसे ही जुड़ी, इनसे शोहरत शान !
साहस, ताकत है पिता, है मेरी पहचान !!
★★★★
डॉo सत्यवान सौरभ
रिसर्च स्कॉलर, कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट,
333, परी वाटिका, कौशल्या भवन, बड़वा (सिवानी) भिवानी, हरियाणा – 127045
facebook – https://www.facebook.com/saty.verma333
twitter- https://twitter.com/SatyawanSaurabh

Related Posts

Thekedaro ka vikash by Jitendra Kabir

September 23, 2021

 ठेकेदारों का विकास छोटा ठेकेदार पंचायत स्तर पर करता है प्रचार और समर्थन ‘दल विशेष’ का, बदले में पाता है

Talash zindagi ki by komal Mishra koyal

September 23, 2021

 तलाश ज़िंदगी की क्या कुसूर मेरा था,  बस अपने घर को छोड़ा था।  पूरे हो सके ख़्वाब इन आँखों के, 

Bhul jane ki takat rakhte hai by vijay Lakshmi Pandey

September 23, 2021

 भूल जानें की ताक़त रखते हैं …!! हर लम्हा गुज़रता है मेरा , दर्द     के   आग़ोश   में । जख़्म 

Hamari raahen alag hai by Jitendra Kabir

September 23, 2021

 हमारी राहें अलग हैं अगर तुम चाहते हो, मैं न बोलूं गलत को ग़लत और सही को सही, बेजुबान बन

Pran priye kavya by salil saroj

September 22, 2021

 प्राण-प्रिय अधरों पर कुसुमित प्रीत- परिणय केशों में आलोकित सांध्य मधुमय चिर- प्रफुल्लित  कोमल किसलय दिव्य-ज्योति जैसी मेरी प्राण-प्रिय  1

Madhur sangeet bina ka by Dr. H.K. Mishra

September 22, 2021

 मधुर संगीत वीणा का तेरी वीणा की मधुर ध्वनि, मां सदा भाव भर देती है, अंधकार भरे अंतर उर में,

Leave a Comment