Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem

दे दो दर की नौकरी सतगुरु जी एक बार

भज़नदे दो दर की नौकरी सतगुरु जी एक बार दे दो दर की नौकरी सतगुरु जी एक बार बस इतनी …


भज़न
दे दो दर की नौकरी सतगुरु जी एक बार

दे दो दर की नौकरी सतगुरु जी एक बार
दे दो दर की नौकरी सतगुरु जी एक बार

बस इतनी तनखा देना तेरा होता रहे दीदार

तेरे काबिल नहींहूं सतगुरु फिरभी काम चला लेना
जैसा भी हूं तेरा हूं मेरे सारे अवगुण हर लेना
बस तेरी कृपा होगी सतगुरु तेरी कृपा होगी
मेरा सुधरेगा संसार…

सारे जगत के दाता हो तुम मेरी क्या औकात है
तेरे दर की सेवा करना तो किस्मत की बात है
मानूंगा तेरा कहना सतगुरु दिल में मेरे रहना
तेरा करता रहूं दीदार…

संकट हरता मंगल करता सतगुरु तेरा नाम है
यह तन मन यह जीवन सतगुरु अब तो तेरे नाम है
चरणों में सतगुरु रखना दिल में हमको बसाना
और देना हमको प्यार…

मांगने की आदतहै सतगुरु लाज़ तेरेदर आती नहीं
परवाह करूं क्यों दुनिया की मैं दुनिया तो बिगड़ी
बनाती नहीं तेरा काम है बिगड़ी बनाना भटकों
को राह दिखाना दर पर आता रहूं हर बार..

ओ मेरे दाता सतगुरु दानी तू है कृपालु वरदानी
भीख दे देना हमको सतगुरु नौकर हम अज्ञानी
निखिल की है विनती सारी संगत की है विनती
कृपा करते रहो हर बार…

-लेखक – कर विशेषज्ञ, साहित्यकार कानूनी लेखक, चिंतक, कवि, एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र


Related Posts

Kamkaji mahilaon ki trasdi by Jitendra Kabir

September 4, 2021

 कामकाजी महिलाओं की त्रासदी कामकाजी महिलाएं   पिसती हैं प्रतिदिन  घर की जिम्मेदारियों और नौकरी के बीच, घर के कामों को 

Sakaratmak urja by Anita Sharma

September 4, 2021

 सकारात्मक ऊर्जा* हे मानुष तू न हो निराश। कर्म पथ पर बढ़ता चल  राह कठिन एकाकी होगी पर दायित्व संभाले

Sathi hath badhana by Anita Sharma

September 4, 2021

 *साथी हाथ बढ़ाना* साथी हाथ बढ़ाना, एक अकेला थका हारा हो, साथ साथ बढ़ना उसके। हाथों को थामे रखना अपनो

Anath tere bin by Indu kumari

September 4, 2021

 श्री कृष्ण जन्मोत्सव   अनाथ तेरे बिन  आधी रात को जन्म भये कारावास का खुले वज्र कपाट दैत्य प्रहरी सो गए 

Sikhane ki koshish by Jitendra Kabir

September 4, 2021

 सिखाने की कोशिश करें सिखाने की कोशिश करें अपने बच्चों को खाना बनाना भी पढ़ाई के साथ-साथ, वरना  लाखों के

Nishkam karm by Anita Sharma

September 4, 2021

 निष्काम कर्म हम कर्म करें निषकर्म भाव से। हो सेवा निष्कर्म भावों की। न अपेक्षा रखे किसी से। न उपेक्षित

Leave a Comment