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Bhaskar datta, poem

देश की राजनीति और राजनीति का देश

“देश की राजनीति & राजनीति का देश “ सचमुच! यह तो ‘भारत’ हैभारत! हाँ, वही भारत, जहाँ चाणक्य थे। चाणक्य? …


“देश की राजनीति & राजनीति का देश “

देश की राजनीति और राजनीति का देश

सचमुच! यह तो ‘भारत’ है
भारत!
हाँ, वही भारत, जहाँ चाणक्य थे।
चाणक्य?
हाँ भाई, चाणक्य अर्थात् ‘कौटिल्य’, नाम तो सुना होगा….
क्या बताऊँ बेटा! – अब मेरी उम्र हो गयी कुछ स्मरण ही नहीं रहता.. तुम भी तो नहीं बताते…
मैं तो युवा हूँ बाबा! पर नौकरी का टेंशन सब कुछ विस्मृत किये दे रहा है…
मुझे तो अपने युवावस्था में ‘अर्थशास्त्र’ मुंह जबानी कंठस्थ थी..
मेरा इसारा तो उसी अर्थशास्त्र वाले चाणक्य की ओर था।
अच्छा ; हाँ याद आया इसमें तो बड़े- बड़े विरोधी भी चित्त हो गये थे..
वही तो..
तब
तब क्या? अब भी नहीं समझे बाबा!
नहीं…
अरे बाबा! सब कुछ ‘सिस्टमैटिकली’ ही तो रहा है…
मतलब?
मतलब ये कि “सिस्टम है तो सब कुछ है। “
अच्छा बालक!मैं भी समझ गया….
क्या❓
यही कि “राजनीति का मतलब अर्थ और अर्थ का मतलब राजनीति है।”

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भास्कर दत्त शुक्ल  बीएचयू, वाराणसी
भास्कर दत्त शुक्ल
 बीएचयू, वाराणसी


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