तुम और मैं | Tum aur main
तुम और मैं तुम घुमाते बल्ला क्रिकेट के,मैं घुमाती कंघी बालों में तुम बात करते किताबों से, मैं बनाती बातें …
Related Posts
गोधन – डॉ.इन्दु कुमारी
November 7, 2021
गोधन गोबर की यम मूर्ति बनाई प्यार से इनको सजाई दीर्घायु की दुआ माँगी भाई जियो लाख बरीश हमें दे
कविता : न देना दिल किसी को -सरस्वती मल्लिक
November 7, 2021
कविता : न देना दिल किसी को न देना दिल किसी को , न लगाना दिल किसी से , छीन
जीवन दरिया है – डॉ.इन्दु कुमारी
November 7, 2021
जीवन दरिया है जीवन है एक दरियाअविरल बहती जाए सुख-दुख की बेलियाबस सहती ही जाएधैर्य की सीपियांमोती बनाता है संकट
राष्ट्र की बेटी – डॉ.इन्दु कुमारी
November 7, 2021
राष्ट्र की बेटी इन्दु सी जगमग करती ह्रदय को शीतल करती प्रेरणा बनी स्वराष्ट्र की नारी शक्ति कहलाती नाम की
Antardwand by Dr. indu kumari
November 7, 2021
अन्तर्द्वन्द अजीब पहेली से है सुलझ नहीं पा रही नफरत और प्रेम की गुथ्थियाों का ये मंजर असमंजस की स्थिति

