तुम और मैं | Tum aur main
तुम और मैं तुम घुमाते बल्ला क्रिकेट के,मैं घुमाती कंघी बालों में तुम बात करते किताबों से, मैं बनाती बातें …
Related Posts
Swapn ujle hai by siddharth gorakhpuri
November 17, 2021
स्वप्न उजले हैं. स्वप्न उजले हैं ये कह रहा है कोई। उकेरना चाहता है हकीकत कोई। हकीकत को हकीकत होने
Manzil by Indu kumari
November 17, 2021
मंजिल भूल जाना किसी तरह से जो राह की रूकावट है सजा लेना माथे पे सदा ही जो जिन्दगी की
Peeda khone ki teri by Dr. H.K. Mishra
November 17, 2021
पीड़ा खोने की तेरी तोड़ चली हर रस्मों को तेरा पथ ज्योतिर्मय है, मेरा क्या मैं रहा अकेला, कौन सुनेगा
Priye ke desh by Indu kumari
November 17, 2021
प्रिय के देश तुम भी उनके हो प्रिय, मैं भी उनकी प्रियतमा। जिसे ढूँढती है अन्तर्मन, पूजती है सारा जहाँ
Kaliyo ki shahjadi by vijay Lakshmi Pandey
November 17, 2021
कलियों की शहजादी…!!! कलियों की शहजादी कोईअरमानों की डोली चढ़हरियाली मखमल कीसेज सजाओढ़ घटाओं कीसतरंगी चादर..!!! रंगीन ख्वाब से सराबोर
Kyu nhi aata mera janmdin by vijay Lakshmi Pandey
November 17, 2021
#क्यों नहीं आता मेरा जन्म दिन…?? अम्माँ , तूनें तो मेरा दान कर दिया, अब कैसे तिलक लगाएगी? मुझे पता

