तुम और मैं | Tum aur main
तुम और मैं तुम घुमाते बल्ला क्रिकेट के,मैं घुमाती कंघी बालों में तुम बात करते किताबों से, मैं बनाती बातें …
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उड़ गई तितली- देवन्ती देवी चंद्रवंशी
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उड़ गई तितली कैसे कहूॅ॑ सखी कुछ कही न जाए मन हुई तितली देखो उड़ती जाए कैसे रोकूॅ॑ मेरी बावरी
खाया पिया कुछ नहीं ग्लास तोड़ा बारह आना-जयश्री बिर्मी
November 22, 2021
खाया पिया कुछ नहीं ग्लास तोड़ा बारह आना किसान कानून की वापसी कही गढ़ आला पन सिंह गेला न बन
किस्से मोहब्बत के-तेज देवांगन
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हाय रे गंतव्य जीवन – डॉ हरे कृष्ण मिश्र
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लॉक लगा के रखना-अंकुर सिंह
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लॉक लगा के रखना चलो अब हम चलते है। ख्याल अपना रख लेना। किए मुझसे वादे पूरे कर मेरे यादों
मेरी काव्य धारा-डॉ हरे कृष्ण मिश्र
November 22, 2021
मेरी काव्य धारा मेरी काव्य धारा में, डूबा प्रेम तुम्हारा है , रचना भी तुम्हारी है, प्रणय भी तुम्हारा है

