तुम और मैं | Tum aur main
तुम और मैं तुम घुमाते बल्ला क्रिकेट के,मैं घुमाती कंघी बालों में तुम बात करते किताबों से, मैं बनाती बातें …
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आज फिर देखा चांद- जयश्री बिरमी
December 3, 2021
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तुम हमारी कामना – डॉ हरे कृष्ण मिश्र
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सहनशीलता कैसा जमाना आ गया है ज्यों ज्यों शिक्षा का स्तर बढ़ रहा हैहम विकास की ओर बढ़ रहे हैं,हमारी
देश का दुर्भाग्य- जितेन्द्र ‘कबीर’
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