तुम और मैं | Tum aur main
तुम और मैं तुम घुमाते बल्ला क्रिकेट के,मैं घुमाती कंघी बालों में तुम बात करते किताबों से, मैं बनाती बातें …
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राजनीति के सियार- जितेन्द्र ‘कबीर’
January 25, 2022
राजनीति के सियार पैसा किसी के हथियार है,लालच किसी का हथियार है,इसी सनातन मोह कोसत्ता तक पहुंचने की सीढ़ी बनातेआजकल
श्रेष्ठता के मानक- जितेन्द्र ‘कबीर’
January 25, 2022
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किस मुगालते में हो?- जितेन्द्र ‘कबीर’
January 25, 2022
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नेताजी – डॉ. इन्दु कुमारी
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नेताजी सुभाष चंद्र बोस तू ,गये तो गएभारत माँ के भाल, सजा के गएस्वर्णाक्षरों में नाम, लिखा के गएलाल थे
सबसे ख़तरनाक जहर- जितेन्द्र ‘कबीर’
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ऐ चाँद- डॉ. इन्दु कुमारी
January 25, 2022
ऐ चाँद लिख रही तेरी दास्तानशीतलता करते प्रदानदागदार वह कहलाते हैंजीवों के हित आते हैंचाँदनी फिर छिटकाते हैंनिशब्द भरी रातों

