।।जानना ।।
सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखो
जान जाओ परिस्थियो को
परिवेश को तुम जानना सीखो
जानकार जब बन जाओ गे
भ्रम से यर्थाथ के उलझनो से
निकल जाओगे
माया मे उलझ जाओगे ,
जानकारियो से पूर्ण बनाओ व्यक्तिव को अपने,
सृष्टि पर आये होतो जानना सीखों
।।जानना ।। सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखोजान जाओ परिस्थियो कोपरिवेश को तुम जानना सीखो सीख जाओगे तू जिन्दगी …
सृष्टि पर आये हो तो जानना सीखो
जान जाओ परिस्थियो को
परिवेश को तुम जानना सीखो
जानकार जब बन जाओ गे
भ्रम से यर्थाथ के उलझनो से
निकल जाओगे
सृष्टि पर आये होतो जानना सीखों
December 8, 2021
दोनों बातें खतरनाक हैं किसी परिवार का मुखियापरिवार के किसी सदस्य कीनाराजगी के डर सेचुप्पी साध लेता है जबअपने परिवार
December 8, 2021
सूनापन अखरता अकेले चुपचाप खड़ी हो ,देख रही थी,जहाँ दुनिया बसती थी । सूनापन पसरा था कमरे में,जहाँ रौनक रहती
December 8, 2021
मंथरा आज ही नहीं आदि से हम भले ही मंथरा को दोषी ठहराते, पापी मानते हैं पर जरा सोचिये कि
December 8, 2021
मन रे मन तू चंचल घोड़ासरपट दौड़ लगाता हैलगाम धरी नहीं कसकेत्राहि त्राहि मचाने वाली जीवन की जो हरियालीपैरों तले
December 8, 2021
मेरा एक सवाल…!!! पढ़े लिखे काका भैया से,मेरा एक सवाल।माँ -बहनों की गाली से ,कब होगा देश आजाद.?? अरे !
December 8, 2021
उलझे-बिखरे सब” कितने उलझे-उलझे हुए सब , कितने बिखरे-बिखरे हुए सब। बनावटी दुनिया में उलझे हुए सब, दिखावटी सब सज-धज