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Anita_sharma, poem

चाँद सी माँ-अनिता शर्मा झाँसी

चाँद सी माँ चाँद की शीतलता माँ में देखीशांत भावुकता से भरी हुई।बच्चों को देखकर मुस्कुरातीज्यों शरद् चंद्र,श्वेत रजत बिखरे।स्निग्धता …


चाँद सी माँ

चाँद सी माँ-अनिता शर्मा झाँसी

चाँद की शीतलता माँ में देखी
शांत भावुकता से भरी हुई।
बच्चों को देखकर मुस्कुराती
ज्यों शरद् चंद्र,श्वेत रजत बिखरे।
स्निग्धता वात्सल्य से परिपूर्ण
चाँदनी सी शान्ति से परिपूर्ण चेहरा।
परिवार की रौशनी की ध्रुवी माँ
सम्पूर्ण परिवार की रौनक माँ।
कितना शान्त आत्मसात चेहरा
मन में चाहे चंदा सी घट बढ़ हो।
उतार चढ़ाव भावों मनोभावों के
फिर भी चंद्र किरण बिखराती।
अंधकार से बचाकर प्रकाश भरे
माँ चंदा, चंदन सी शीतलता तुम हो।
शान्त स्थिरता और परिपक्वता
कितनी करूणानिधि गुणी हो माँ।
ईश्वर की शुभ कृति है माँ।।

अनिता शर्मा झाँसी


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