Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, satyawan_saurabh

चलते चीते चाल।।(chalte-cheete-chaal)

चलते चीते चाल।। माना चीते देश में, हुए सही आयात। मगर करेगा कौन अब, गदहों का निर्यात।।   आये चीते …


चलते चीते चाल।।

चलते चीते चाल।।(chalte-cheete-chaal)
माना चीते देश में, हुए सही आयात।

मगर करेगा कौन अब, गदहों का निर्यात।।

 
आये चीते देश में, खर्चे खूब करोड़।
भूखी गाय बिलख रही, नहीं मौत का ओड़।।
 
सौरभ मेरे देश में, चढ़ते चीते प्लेन।
गौ मात को जगह नहीं, फेंक रही है क्रेन ।।
 
भरे भुवन मे चीखती, माता करे पुकार।
चीतों पर चित आ गया, कौन करे दुलार।।
क्या यही है सभ्यता, और यही संस्कार।
मांग गाय के नाम पर, चीता हिस्सेदार।।
ये चीते की दहाड़ है, गुर्राहट; कुछ और।
दिन अच्छे है आ गए, या बदल गया दौर।।
 
मसलों पर अब है नहीं, आज देश का ध्यान।
चिंता गौ की कर रहे, कर चीता गुणगान।।
 
देख सको तो देख लो, अब भारत का हाल।
गैया कब तक अब बचे, चलते चीते चाल।।
कौन किसी का साथ दे, किस विध ढूँढे़ राम।
गाय धरा पर जब करे, चीते खुल आराम।।

About author

Satyawan saurabh
 
– डॉo सत्यवान ‘सौरभ’
कवि,स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार, आकाशवाणी एवं टीवी पेनालिस्ट,

333, परी वाटिका, कौशल्या भवन, बड़वा (सिवानी) भिवानी, हरियाणा – 127045
facebook – https://www.facebook.com/saty.verma333

twitter- https://twitter.com/SatyawanSaurabh



Related Posts

Lekh ek pal by shudhir Shrivastava

July 11, 2021

 लेख *एक पल*         समय का महत्व हर किसी के लिए अलग अलग हो सकता है।इसी समय का सबसे

zindagi aur samay duniya ke sarvshresth shikshak

July 11, 2021

 जिंदगी और समय ,दुनिया के सर्वश्रेष्ठ शिक्षक जिंदगी, समय का सदा सदुपयोग और समय, जिंदगी की कीमत सिखाता है  जिंदगी

kavi hona saubhagya by sudhir srivastav

July 3, 2021

कवि होना सौभाग्य कवि होना सौभाग्य की बात है क्योंकि ये ईश्वरीय कृपा और माँ शारदा की अनुकम्पा के फलस्वरूप

patra-mere jeevan sath by sudhir srivastav

July 3, 2021

पत्र ●●● मेरे जीवन साथी हृदय की गहराईयों में तुम्हारे अहसास की खुशबू समेटे आखिरकार अपनी बात कहने का प्रयास

fitkari ek gun anek by gaytri shukla

July 3, 2021

शीर्षक – फिटकरी एक गुण अनेक फिटकरी नमक के डल्ले के समान दिखने वाला रंगहीन, गंधहीन पदार्थ है । प्रायः

Mahila sashaktikaran by priya gaud

June 27, 2021

 महिला सशक्तिकरण महिलाओं के सशक्त होने की किसी एक परिभाषा को निश्चित मान लेना सही नही होगा और ये बात

Leave a Comment