Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Dr_Madhvi_Borse, Gazal

गजल- अज्ञात नहीं रखते।

गजल- अज्ञात नहीं रखते। अच्छाई अपनाकर, खामियां भूलाकर,हम किसी से शिकायत नहीं रखते।उदारता की तो है कमी इस दुनिया में,हम …


गजल- अज्ञात नहीं रखते।

अच्छाई अपनाकर, खामियां भूलाकर,
हम किसी से शिकायत नहीं रखते।
उदारता की तो है कमी इस दुनिया में,
हम किसी से भेदभाव नहीं रखते।
परिंदों सी उड़ान, नम्रता की जुबान,
दोनों को हम मजबूती से है रखते।
खिली हुई मुस्कान, कामयाबी की शान,
हम चेहरे से हटाकर नहीं रखते।
कोई एहसान और इंसानियत के काम
का हम कभी हिसाब नहीं रखते।
बर्दाश्त करने की हद, दिल में दर्द,
हम किसी को जताकर नहीं रखते।
किसी के निर्णय में, अपने हृदय में,
किसी तरह का एतराज नहीं रखते।
मंजिल की तलाश और पाने की आस में,
खुद को खुदा से नाराज नहीं रखते।
खुदा पर यकीन कर,
खुद को बेहतरीन कर,
अपनी रूह से खुद को अज्ञात नहीं रखते।।

About author
Dr madhvi borse
डॉ. माध्वी बोरसे।
(स्वरचित व मौलिक रचना)
राजस्थान (रावतभाटा)

Related Posts

Sashakt maa, sashakt vishwa

February 16, 2022

सशक्त मां, सशक्त विश्व! अत्यंत बुरे अनुभवों में से एक जो एक बच्चा देख सकता है, वह परिवार या समाज

सम्मान-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 14, 2022

सम्मान! एक वक्त की थी यह बात,खरगोश ने कछुए का उड़ाया मजाक, कितना धीमे चलते हो तुम,कछुए को आया गुस्सा

लालची लोमड़ी-डॉ. माध्वी बोरसे

February 14, 2022

लालची लोमड़ी! भरी दोपहर में एक दिन लोमड़ी भटके,कर रही थी भोजन की तलाश,दिखे उसे बेल में अंगूर लटके,किया उसे

जब वह चुप है- डॉ. माध्वी बोरसे!

February 14, 2022

जब वह चुप है! जब वह चुप है इंसान,क्यों कर रहा तू हर जगह बखान,निंदा करना सबसे बड़ा पाप,हर गलती

अंदाजा-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 14, 2022

अंदाजा! ठहरा हुआ दरिया होता है बहुत गहरा ,मुस्कुराहट के पीछे भी हे एक खामोश चेहरा,किसी भी हस्ती को अंदाजे

खास-डॉ. माध्वी बोरसे!

February 14, 2022

खास! जब तक तुझ में सांस है,सफलता की आस है,खुशनुमा सा एहसास है,पूरा जोश और साहस है,मानो तो कुछ भी

PreviousNext

Leave a Comment