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क्या लेकर आया है जो ले जायेगा

 क्या लेकर आया है जो ले जायेगा सुधीर श्रीवास्तव यह कैसी विडम्बना है कि हम सब जानते हैं मगर मानते …


 क्या लेकर आया है जो ले जायेगा

सुधीर श्रीवास्तव
सुधीर श्रीवास्तव

यह कैसी विडम्बना है

कि हम सब जानते हैं

मगर मानते नहीं हैं

कि हम क्या लेकर आये हैं

क्या लेकर जायेंगे?

खाली हाथ आये थे

तन पर कपड़े तो क्या

एक रेशा तक नहीं था।

फिर भी हम कितने भ्रम में रहते हैं

बस! हाय धन, हाय धन

इसी धुन में धनु पशु बनने से

खुद को रोक नहीं पाते हैं,

नीति, अनीति का विचार तक नहीं करते

क्या अपना है जो हम ले जायेंगे

यह विचार तक नहीं कर पाते

जब कुछ लाये ही नहीं थे

तो लेकर कैसे जा पायेंगे?

यह विचार करने की जरूरत है

न कुछ लेकर आये थे

और न ही कुछ लेकर जायेंगे

खाली हाथ  ही आया था, खाली ही जायेगा। 

सुधीर श्रीवास्तव

गोण्डा उत्तर प्रदेश

८११५२८५९२१

© मौलिक स्वरचित

२६.०४.२०२२


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