Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

Ashish Tiwari, poem

कैसे कोई गीत सुनाये-आशीष तिवारी निर्मल

कैसे कोई गीत सुनाये कितने साथी छूट गएसब रिश्ते नाते टूट गएपल-पल मरती आशाएंजब अपने ही लगें परायेकैसे कोई गीत …


कैसे कोई गीत सुनाये

कैसे कोई गीत सुनाये-आशीष तिवारी निर्मल
कितने साथी छूट गए
सब रिश्ते नाते टूट गए
पल-पल मरती आशाएं
जब अपने ही लगें पराये
कैसे कोई गीत सुनाये ?

बचपन बीता अठखेली में
यौवन बीता रंगरेली में
भूले सब वह जो करना था
खोये रहे एक पहेली में
समय चक्र आगे निकला
संग आने की टेर लगाये
कैसे कोई गीत सुनाये ?

नित नई आती बाधा में
सफर हद से ज़्यादा में
अंतर भी न समझे सके
रुक्मणी और राधा में
रोज द्रौपदी लुटती है
कान्हा कितनी चीर बढ़ाए
कैसे कोई गीत सुनाये ?

तजे प्राण राजा दशरथ ने
आंसू नही हैं कौशल्या में।
जातिवाद के हो हल्ला में
झगड़ा है गली मुहल्ला में।
इस युग में राम के जूठे बेर
कहां किस शबरी ने खाये
कैसे कोई गीत सुनाये ?

शून्य हुईं सब अभिलाषाएं
नर्तन करती मृत्यु निशाएं
अपने-अपने में यूँ खोए हैं
कौन सुने किसकी आहें
हो यदि मुफलिस की बेटी
उसकी डोली कौन उठाए
कैसे कोई गीत सुनाये ?

आशीष तिवारी निर्मल
म०न०702 लालगाँव
रीवा ( म●प्र●)


Related Posts

सफर ए इश्क़- R.S.meena Indian

January 6, 2022

कविता – सफर ए इश्क़ जिस दिन होगी अपने प्यार की शुरुआत । उस दिन तुमसे,हम अपनी वफ़ा जता देंगे

कैलेण्डर बदल जाएगा- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

कैलेण्डर बदल जाएगा बदलता आ रहा है जैसेसैंकड़ों सालों सेवैसे ही यह साल भी बदल जाएगा,कुछ यादें खट्टी – मीठीदर्ज

आम जनता का नसीब- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

आम जनता का नसीब आम जनता के लिएधर्मस्थलों पर ईश्वर के दर्शन हेतूप्रक्रिया अलग हैऔर ‘वी.आई.पी.’ के लिए अलग, जनता

सोचो जरा उनके बारे में भी- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

सोचो जरा उनके बारे में भी तुम दुखी होकि इन सर्दियों में महंगीब्रांडेड रजाई नहीं खरीद पाए,जिन्हें मयस्सर नहींकड़कती सर्दी

इंसानियत को बचाओ- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

इंसानियत को बचाओ दुनिया मेंकहीं भी हो रहा हो अन्यायतो उसके खिलाफ आवाज उठाओ,रोकने की उसे करो पुरजोर कोशिशेंविरुद्ध उसके

सिखाने की कोशिश करें- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 6, 2022

सिखाने की कोशिश करें सिखाने की कोशिश करेंअपने बच्चों को खाना बनाना भीपढ़ाई के साथ-साथ,वरना लाखों के पैकेज पाने वालों

Leave a Comment