Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, sudhir_srivastava

कदम

 कदम सुधीर श्रीवास्तव हमें लगता है कि हमारे कदम किसी और को  प्रभावित नहीं करते , पर सच तो यह …


 कदम

सुधीर श्रीवास्तव
सुधीर श्रीवास्तव

हमें लगता है कि

हमारे कदम किसी और को 

प्रभावित नहीं करते ,

पर सच तो यह है कि 

हमारा छोटे से छोटा कदम

हमारे ही नहीं कइयों के 

जीवन में भी असर डालते हैं,

कइयों के जीवन में

भूचाल भी ला सकते हैं।

इसलिए कोई भी कदम 

उठाने से पहले विचार कीजिए,

सिर्फ अपना ही नहीं

औरों का भी ख्याल कीजिए,

किसी का हित हो या न हो

पर आपके किसी कदम से

किसी का कुछ भी अहित न हो

बस! ये ख्याल जरूर रखिए

अपने किसी कदम को 

बेवजह बदनाम न कीजिए। 

सुधीर श्रीवास्तव

गोण्डा उत्तर प्रदेश

८११५२८५९२१

© मौलिक स्वरचित

३०.०४.२०२२


Related Posts

Devtavon ke guru brihaspati by Anup Kumar Varma

July 25, 2021

शीर्षक – ” देवताओं के गुरु बृहस्पति”  जो अंधेरे से उजाले की ओर ले जाए,  वही तो हम सबका गुरु

chal chod ye aadat hai koi khta nhi by shashi suman up

July 23, 2021

 शीर्षक चल छोड़, ये आदत है, कोई खता नहीं l तेरे फ़िक्र में हैं हम और तुझे पता नहीं l

abhilasha poem by abhilekha ambasth gazipur

July 23, 2021

अभिलाषा अधरों पे मुस्कान लिए,  शहरों में अब गांव मिले,  मधुर वाणी की सरगम में,  शहरों में अब गांव पले, 

zindagi ka wada by Abhilekha Ambasth Gazipur

July 23, 2021

शीर्षक-जिंदगी का वादा कहीं कम तो कहीं ज्यादा, बस यही है जिंदगी का वादा,  कहीं धूप कहीं छाया,  बस यही

shabdo ki chot kavita by samay singh jaul delhi

July 23, 2021

शब्दों की चोट शब्दों की चोट जब पड़ती है।   चित्त में चेतना की चिंगारी निकलती है।।   जैसे बसंत में भी

Gazal hum tumhare hue tum hamare hue by antima singh

July 23, 2021

शीर्षक- हम तुम्हारे हुए, तुम हमारे हुए दिल की दरिया को दिल में उतारे हुए,हम तुम्हारे हुए तुम हमारे हुए।

Leave a Comment