Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

kishan bhavnani, poem, vyang

एक राज़ की बात बतलाता हूं| ek raaz ki bat batlata hun

भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव एक राज़ की बात बतलाता हूं एक राज़ की बात बतलाता हूं डिजिटल युग का मैं …


भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव

एक राज़ की बात बतलाता हूं

एक राज़ की बात बतलाता हूं| ek raaz ki bat batlata hun

एक राज़ की बात बतलाता हूं
डिजिटल युग का मैं भी पालन करता हूं
बड़े प्राइवेट स्कूल में फीस भरवाता हूं
भ्रष्टाचार की मलाई डिजिटली खाता हूं

टेबल नीचे कैश लेना बंद किया हूं
काम बदले कहीं पेड करवाने आइडिया लाया हूं
एजेंसियों के डर से सेफ़ रास्ता अपनाया हूं
भ्रष्टाचार की मलाई डिजिटली ही खाता हूं

वर्ष में दो बार फैमिली टूर पर जाता हूं
लग्जरी शेड्यूल का लाखों उनसे भरवाता हूं
कैश बिल्कुल नहीं लेता हूं
भ्रष्टाचार की मलाई डिजिटली खाता हूं

प्लाट फ्लैट जमीन ममेरे भाई नाम करवाता हूं
फाइल देखकर रेट कोट करवाता हूं
डायरेक्ट नहीं बॉटम लेवल से काम करवाता हूं
भ्रष्टाचार की मलाई डिजिटली खाता हूं

बॉटम लेवल को अपनी फीस लेने बतलाता हूं
कैश नहीं कोई फायदा उठाने समझाता हूं
कोई पकड़ेगा नहीं चोरचोर मौसेरेभाई बतलाता हूं
भ्रष्टाचार की मलाई डिजिटली खाता हूं

About author

कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर विशेषज्ञ स्तंभकार एडवोकेट 
किशन सनमुख़दास भावनानी 
गोंदिया महाराष्ट्र

Related Posts

Bal divash by Jayshree virami

November 13, 2021

 बाल दिवस आज नवाजेँ चालों अपने नौ निहालों को सजाएं उनके जीवन को बचाएं उन्हे बालाओं से सुख दुःख से

Shesh smritiyan by Dr. H.K. Mishra

November 13, 2021

 शेष स्मृतियां चलो एक बार मिलते हैं फिर से, अजनबी बन के हम दोनों उसी तट, वही मंदिर आश्रम चट्टानों

Kaisa jivan by Indu Kumari

November 13, 2021

 कैसा जीवन जीवन है समरसता की धारा छल  प्रपंचों को करें किनारा सादगी नर जीवन की पहचान मानव सब जीवों

Chhath puja by Sudhir Srivastava

November 13, 2021

 छठपूजा सूर्योपासना का आस्था विश्वास संग होता यह महापर्व षष्टी तिथि का ये छठ पर्व कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष

Gaumata by Sudhir Srivastava

November 13, 2021

 गौमाता आज गोमाष्टमी है, आज हम गौमाता की  पूजा, सेवा करते हैं, शायद औपचारिकता निभाते हैं। क्योंकि हम गायों को

Ashru arghy mera hai by Dr. H.K. Mishra

November 13, 2021

 अश्रु अर्घ्य मेरा है छोड़ गई तू मेरा हाथ , तेरा एहसास नहीं भूला, तड़पता रहा  दिन-रात , तेरा मैं

Leave a Comment