Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

lekh, Priyanka_saurabh

आपत्तिजनक कंटेंट का देना होगा जवाब, सोशल मीडिया कंपनियों पर नकेल।

 आपत्तिजनक कंटेंट का देना होगा जवाब, सोशल मीडिया कंपनियों पर नकेल। सोशल मीडिया पर लोगों की मनमानी को लेकर बहुत …


 आपत्तिजनक कंटेंट का देना होगा जवाब, सोशल मीडिया कंपनियों पर नकेल।

आपत्तिजनक कंटेंट का देना होगा जवाब, सोशल मीडिया कंपनियों पर नकेल।

सोशल मीडिया पर लोगों की मनमानी को लेकर बहुत सारी आलोचनाओं का निदान करने के लिए केंद्र सरकार ने कमर कस ली है। यानी अब तक सोशल मीडिया पर कुछ भी पोस्ट करने की मनमानी पर नकेल कसने को सरकार ने मसौदा तैयार कर लिया है। सोशल मीडिया पर जो भी पोस्ट हो रहे हैं, उनमें कौन से पोस्ट देश या समाज हित में नहीं हैं, यह तय करने के लिए केंद्र सरकार समिति बनाने की तैयारी में है। सोशल मीडिया कंपनियों के साथ मिलकर सरकार यह तय करेगी कि किस तरह के कंटेंट को उठाना है या कौन से कंटेंट को डाउन करना है। खासकर ऐसे कंटेंट जो देश, समाज हित या सामाजिक सौहार्द्र के लिए सही नहीं हैं, उन पर नकेल कसी जाएगी।सोशल मीडिया कंपनियों पर नकेल कसने के लिए पैनल गठन की अधिसूचना के मुताबिक, टेक कंपनियों को अपनी वेबसाइट, मोबाइल एप या दोनों पर सेवा नियमों और निजता नीति से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। प्रस्तावित बदलावों में इंटरमीडियरी कंपनियों के लिए भारतीय संविधान द्वारा नागरिक अधिकारों का सम्मान करना भी जरूरी होगा। शिकायतों के निस्तारण के लिए 72 घंटे की व्यवस्था होगी।

-प्रियंका सौरभ

सोशल मीडिया कंपनियां अब कंटेंट सामग्री के नियमन के नाम पर मनमानी नहीं कर पाएंगी। भारत सरकार ने इसके लिए नई व्यवस्था का खाका तैयार कर दिया है। इलेक्ट्रॉनिक एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सूचना प्रौद्योगिकी संशोध 2022 से जुड़े कानूनों को अधिसूचित कर दिया है। नए आईटी नियमों के तहत ट्विटर फेसबुक इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के लिए भारत के आईटी नियमों को मानना अनिवार्य हो जाएगा। इन सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही तय की गई है। आज के दौर में सोशल मीडिया दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है इसलिए इसके इस्तेमाल में सावधानी जरूरी है। जाहिर है सोशल मीडिया बडा मुददा है इसलिए नए आईटी नियमों का सोशल मीडिया पर क्या असर होगा। सोशल मीडिया पर जो भी पोस्ट हो रहे हैं, उनमें कौन से पोस्ट देश या समाज हित में नहीं हैं, यह तय करने के लिए केंद्र सरकार समिति बनाने की तैयारी में है। सोशल मीडिया कंपनियों के साथ मिलकर सरकार यह तय करेगी कि किस तरह के कंटेंट को उठाना है या कौन से कंटेंट को डाउन करना है। खासकर ऐसे कंटेंट जो देश, समाज हित या सामाजिक सौहार्द्र के लिए सही नहीं हैं, उन पर नकेल कसी जाएगी।

सोशल मीडिया कंपनियों पर नकेल कसने के लिए पैनल गठन की अधिसूचना के मुताबिक, टेक कंपनियों को अपनी वेबसाइट, मोबाइल एप या दोनों पर सेवा नियमों और निजता नीति से जुड़ी जानकारी उपलब्ध करानी होगी। प्रस्तावित बदलावों में इंटरमीडियरी कंपनियों के लिए भारतीय संविधान द्वारा नागरिक अधिकारों का सम्मान करना भी जरूरी होगा। शिकायतों के निस्तारण के लिए 72 घंटे की व्यवस्था होगी। किसी अन्य शिकायत पर 15 दिनों के अंदर एक्शन लेना होगा, जिससे आपत्तिजनक कंटेंट वायरल नहीं हो सके। यह भी सुनिश्चित करना पड़ेगा कि उसके कंप्यूटर रिसोर्स का इस्तेमाल करने वाला व्यक्ति किसी भी ऐसी सामग्री को होस्ट न करे, वितरित न करे, प्रदर्शित न करे, अपलोड न करे, प्रकाशित न करे और शेयर न करे जो किसी दूसरे व्यक्ति की हो, जिस पर यूजर का अधिकार न हो, अपमानजनक, अश्लील, बाल यौन शोषण, दूसरे की प्राइवेसी भंग करने वाली, जाति, वर्ण या जन्म के आधार पर उत्पीड़न करने वाली, हवाला के लिए प्रेरित करने वाली या अथवा देश के किसी भी कानून का उल्लंघन करने वाली, भारत की एकता, अखंडता, रक्षा, सुरक्षा, संप्रभुता को नुकसान पहुंचाने वाली, विदेश नीति या संबंधों को प्रभावित करने वाली पोस्ट, वायरस/स्पैम फैलाने वाली सामग्री, गलत प्रचार जिसे आर्थिक लाभ के लिए तैयार किया गया हो और जिसमें किसी व्यक्ति या संस्था को ठगने, नुकसान पहुंचाने की संभावना लगती हो।

अगर कोई आपत्तिजनक सामग्री साझा की जाती है तो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म खुद को ज़िम्मेदारी नहीं मानते हैं। हालाँकि वे अक्सर अपने प्लेटफॉर्म पर सामग्री को संपादित, प्रचारित और ब्लॉक करते हैं। इस तथ्य को ध्यान में रखना चाहिये कि कुछ प्लेटफॉर्मों में लगभग 50 करोड़ भारतीय उपयोगकर्त्ता शामिल हैं और यहाँ तक कि दूरदराज़ के इलाकों में भी उनकी पहुंँच है। एक सकारात्मक पहलू से देखने पर ये दिशा-निर्देश किसी भी अपराध की रोकथाम सुनिश्चित करने हेतु इन प्लेटफॉर्मों को जवाबदेह बनाने में मददगार साबित होंगे। नागरिकों की निजता के अधिकार को सुरक्षित करने और आईटी नियमों को उनके अंतिम उद्देश्य की पूर्ति करने हेतु व्यक्तिगत डेटा संरक्षण विधेयक, 2019 को पारित करने में तेज़ी लाने की आवश्यकता है। चूंकि, सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म, उपयोगकर्ताओं द्वारा उनकी साइट पर पोस्ट की जाने वाली सामग्री को पहली बार में नियंत्रित नहीं कर सकते हैं, इसलिए इनको- जब तक ये कंपनियां सरकार या विभिन्न अदालतों द्वारा निर्देशित किए जाने पर अपने प्लेटफ़ॉर्म पर होस्ट की गयी किसी भी सामग्री को हटाने के लिए सहमत रहती हैं- किसी भी आपत्तिजनक सामग्री के लिए कानूनी रूप से उत्तरदायी नहीं ठहराया जाना चाहिए। हालांकि, तकनीकी प्लेटफॉर्म हमें परस्पर जुड़े रहने में मदद कर सकते हैं, विचारों का एक जीवंत बाजार बना सकते हैं, और उत्पादों और सेवाओं को बाजार में लाने के लिए नए अवसर खोल सकते हैं, किंतु ये हमें विभाजित भी कर सकते हैं और वास्तविक दुनिया को गंभीर नुकसान भी पहुंचा सकते हैं।

प्रभावशाली इंटरनेट प्लेटफॉर्म की एक छोटी संख्या “बाजार में प्रवेश करने वालों को बाहर करने, किराए की मांग करने, और अपने फ़ायदे के लिए अंतरंग व्यक्तिगत जानकारी इकट्ठा करने के लिए अपनी शक्ति का उपयोग करती है।” इन प्लेटफ़ॉर्म को वर्तमान में उत्तरदायी ठहराए जाने से सुरक्षा प्राप्त है, और ये बाल यौन शोषण, साइबर स्टॉकिंग, और वयस्कों की अंतरंग छवियों का गैर-सहमति से वितरण जैसे मुद्दों को उचित रूप से संबोधित करने के लिए पर्याप्त कार्रवाई नहीं करते हैं। इन नियमों के बारे में चल रही आलोचना का समाधान इन्हें फिर से नए सिरे से प्रकाशित करना है। दिशा-निर्देश, अंततः सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के अंतिम उपयोगकर्ताओं के बारे में हैं, बाद में इन नियमों की वृद्धि पूर्व में किये गए इनके क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। अंतिम उपयोगकर्त्ताओं के हितों को सुनिश्चित करना प्राथमिकता होनी चाहिये तथा ऐसे किसी भी तरह के नियम और विनियम नहीं बनने चाहिये जो उनके मूल अधिकारों का उल्लंघन करते हों। इसके अलावा गलत और झूठी सूचनाओं पर अंकुश लगाने हेतु कानून और व्यवस्था का सख्ती से पालन करने की आवश्यकता है, लेकिन इस बात को भी सुनिश्चित करने की ज़रूरत है कि नागरिकों की गोपनीयता से किसी भी प्रकार का कोई समझौता न हो।

About author 

प्रियंका सौरभ 

रिसर्च स्कॉलर इन पोलिटिकल साइंस,

कवयित्री, स्वतंत्र पत्रकार एवं स्तंभकार

facebook – https://www.facebook.com/PriyankaSaurabh20/

twitter- https://twitter.com/pari_saurabh


Related Posts

महा शिवरात्रि और शिवजी का प्रसाद भांग| maha Shivratri

March 8, 2024

महा शिवरात्रि और शिवजी का प्रसाद भांग ‘खइ के पान बनारस वाला, खुल जाए बंद अकल का ताला…’ चार दशक

Hum hind ki naariya | mahila divas Vishesh

March 8, 2024

 नन्हीं कड़ी में….  आज की बात   हम हिन्द की हैं नारियां... महिला दिवस पर विशेष…. हमारे भारत देश में आज के

AI में भी बना सकेंगे आप अपना कैरियर, जानिए कैसे

March 8, 2024

AI में भी बना सकेंगे आप अपना कैरियर, जानिए कैसे परिचय: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एक गतिशील और तेजी से बढ़ते

जब महिला होगी सशक्त, तब देश उन्नति में न लगेगा वक्त

March 8, 2024

जब महिला होगी सशक्त, तब देश उन्नति में न लगेगा वक्त आज के आधुनिक समय में महिला उत्थान एक विशेष

संतुलन अधिनियम: साझा जिम्मेदारियों के लिए साझेदारी को सशक्त बनाना”

March 8, 2024

“संतुलन अधिनियम: साझा जिम्मेदारियों के लिए साझेदारी को सशक्त बनाना” जिंदगी में सिर्फ बोझा ना उठाओ,स्वयं को थोड़ा समझाओ,एक दूसरे

Ayodhya’s ‘New Chapter’: Music of faith, mirror of history

January 21, 2024

 Ayodhya’s ‘New Chapter’: Music of faith, mirror of history. On the sacred land of Ayodhya, resonating with the melodious sound

Leave a Comment