Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, sudhir_srivastava

आने वाला पल- सुधीर श्रीवास्तव

आने वाला पल आने वाला पल तो आकर ही रहेगा, जैसे जाने वाला पल भीभला कब ठहरा है ? क्योंकि …


आने वाला पल

आने वाला पल- सुधीर श्रीवास्तव
आने वाला पल तो

आकर ही रहेगा,

जैसे जाने वाला पल भी
भला कब ठहरा है ?

क्योंकि आने वाला पल
अगले पल के साथ ही
बीता हुआ हो जायेगा।

जो पल बीत गया
उसकी चिंता न कर,

आने वाले पल पर
तनिक शंका न कर।

बीते पल को विदाई के साथ
आने वाले पल का स्वागत कीजिये।

निराश न होइए, खुश रहिए
हर पल का आनंद लीजिए,

हर पल का अपना महत्व
अच्छे बुरे के तराजू में
न पल को तौलिए,

किसी भी पल को न दुत्कारिए
न सिर पर बिठाइए,

हर पल आता जाता है
आपसे कुछ नहीं लेता

सिर्फ़ देता है और चला जाता,
आप उसे सराहो या गालियां दो

आने वाला पल भी आता है
और चला जाता है

आने वाला पल भी
पल भर में ही इतिहास बन जाता है।

सुधीर श्रीवास्तव
गोण्डा, उ.प्र.
8115285921
©मौलिक,स्वरचित


Related Posts

भारत माता – डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

भारत माता भारत जननी तू हो महानतूने जने हो वीर संतानसिर हिमालय की पायीचरणों को धोता सागर हैशेरों की है

मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 25, 2022

कविता -मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम चतुर्भुज रूप में जन्म लियाअयोध्या को अनुराग दियामाँ कौशल्या के कहने परमूल रूप को त्याग दियाबाल्यकाल

जरा सोचो इंसान – मईनुदीन कोहरी”नाचीज बीकानेरी”

January 25, 2022

जरा सोचो इंसान अपनी जुबां से किसी को कभी ना सताना।मौत भी आकर कहे तो बहाना ये बनाना।।सम्भल कर कदम

माँ का आँचल- सिद्धार्थ गोरखपुरी

January 25, 2022

कविता -माँ का आँचल माँ एक बार फिर से मुझको,आँचल ओढ़ के सो जाने देबचपन की यादें ताज़ा हो जाएँ

अक्ल पर पत्थर मढ़े जाएं- जितेन्द्र ‘कबीर’

January 25, 2022

अक्ल पर पत्थर मढ़े जाएं दुनिया में लोगों ने पहलेअपनी – अपनी आस्था के अनुसारमंदिर, मस्जिद, गिरजे, गुरुद्वारेऔर भी नाना

शीत लहर – डॉ. इन्दु कुमारी

January 25, 2022

शीत लहर है बड़ी शबाब परहाड़ कंपाने वालीअमीरों की कुछ नहै बिगाड़ने वालीगरीबों की झोपड़ीमें सनसनी फैलानेधाक जमाने वालीआहत करने

Leave a Comment