Follow us:
Register
🖋️ Lekh ✒️ Poem 📖 Stories 📘 Laghukatha 💬 Quotes 🗒️ Book Review ✈️ Travel

poem, sudhir_srivastava

अस्तित्व इतिहास बनेगी

 अस्तित्व इतिहास बनेगी सुधीर श्रीवास्तव पृथ्वी दिवस की औपचारिकता न निभाइए भू संरक्षण करना है तो  धरातल पर कुछ करके …


 अस्तित्व इतिहास बनेगी

सुधीर श्रीवास्तव
सुधीर श्रीवास्तव

पृथ्वी दिवस की औपचारिकता न निभाइए

भू संरक्षण करना है तो 

धरातल पर कुछ करके दिखाइए।

माना की हम सब औपचारिकताओं में

जीने के आदी हो गए हैं,

मगर अपना और अपनों का भला चाहते हैं

तो सपनों से बाहर आइए।

भू बचाना चाहते हैं तो

जल, जंगल को बचाइए,

हरियाली का आधार मजबूत कीजिए

जल संरक्षण कीजिए

नदियों, नालों, सरोवरों और

जल स्रोतों को मान दीजिए

जल, जंगल, जमीन पर अतिक्रमण न कीजिए।

जीवन में खुशहाली के लिए

अपनी भी जिम्मेदारी निभाइए,

आधुनिकता के घमंड में

अपने पैरों पर कुल्हाड़ी न चलाइए।

माना कि आप बड़े मुगालते में हैं

मगर अब भी समय है

इस मुगालते से बाहर आइए,

जल, जंगल,भू संरक्षण कर

न अहसान जताइये,

अपना और अपनों का अस्तित्व बचाना है

तो सोइए मत! अब जाग जाइए

वरना इतिहास बनने के लिए

अब तो तैयार हो जाइए,

जब न जल बचेगा, न जंगल

और न ही जमीन बचेगी,

फिर इस धरा पर मानव का ही नहीं

जीवन का अस्तित्व इतिहास ही तो बनेगी। 

सुधीर श्रीवास्तव

गोण्डा उत्तर प्रदेश

८११५२८५९२१

© मौलिक, स्वरचित

०५.०५.२०२२


Related Posts

कविता – रातों का सांवलापन

November 12, 2023

रातों का सांवलापन आकाश रात में धरती को जबरन घूरता हैक्योंकि धरती आसमान के नीचे हैऔर मेरा मनऊपर खिले उस

कविता –मंदिर में शिव जी

November 12, 2023

मंदिर में शिव जी मैं भक्ति का स्वांगी नहीं , पर आस्तिक जरूर हूँहालात बयां करूँया शिकायत मुझे बेल पत्तों

Kavita pavitra rishta | पवित्र रिश्ता

November 10, 2023

 शीर्षक: पवित्र रिश्ता सुनो दिकु… दुख अब अकेले नहीं सहा जा रहा तुम आज होती तो लिपटकर रो लेता मेरी

झांसी की रानी पर कविता | poem on Rani laxmi bai

November 10, 2023

झांसी की रानी पर कविता | poem on Rani laxmi bai रणचंड भयंकर और प्रचंड किया झांसी की रानी नेअपना

Kavita :आत्मायें मरा नहीं करती

November 10, 2023

आत्मायें मरा नहीं करती आत्मायें मरा नहीं करतीमैंने बचपन में सुना थाकिसी नायाब मुख से वे जिंदा रहती हैंअपने खेतों-

प्रेम इंतज़ार कर रहा है | kavita prem intezar kar raha hai

November 10, 2023

कविता : प्रेम इंतज़ार कर रहा है सुनो दिकु…दिल के दर्द की पीड़ा अब नहीं सही जा रहीमेरे होंठों पर

PreviousNext

Leave a Comment