zindagi par kavita | बोलती जिंदगी
बोलती जिंदगी बोलती जिंदगी ,मौन होकर के सुन || सप्त स्वर सुन मचलने लगे सब के दिल, किस की पायल …
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लेखिका वीना कह बुलाए दुनिया
May 14, 2023
लेखिका वीना कह बुलाए दुनिया कलम प्रखरव नहीं थी मेरी इसे प्रखरव बनाया है।।हर गहरा ज़ख़्म मेरा शब्दों में ज़हर
मातृदिवस विनयांजलि-मॉं मेरा जीवन आधार
May 11, 2023
मातृदिवस विनयांजलि-मॉं मेरा जीवन आधार मातृदिवस विनयांजलि तेरा नाम जुबां पे आते ही मेरे दर्द सभी थम जाते हैं ,माँ
हे मेरे ईश्वर अल्लाह, परवरदिगार मेरे मालिक
May 11, 2023
हे मेरे ईश्वर अल्लाह, परवरदिगार मेरे मालिक मैंने कहा गुनहगार हूं मैं उसने कहा बक्ष दूंगा मैंने कहा परेशान हूं
मेरे अपने ……. (Mere apne)
May 7, 2023
मेरे अपने ……. रिश्ते बंधे होते हैं, कच्चे धागे की डोर सेहमने तो संभाला बहुत, अपने रिश्तों कोपर रिश्तों की
एक कोशिश , जरिया बनने की
May 4, 2023
एक कोशिश , जरिया बनने की ज़हर जो उगले मेरी कलम छील के ये रख देती हैक्रोध कि ज्वाला धधक
कविता – अंधेरे की आवाज़ | Andhere ki awaz
April 26, 2023
अंधेरे की आवाज़ तालाब शांति में समुद्रीय हलचलविश्व का दूरस्थ प्रतिमान,जो नहीं खोज पाया खोज ही नहीं पायाकविता और कहानियों

