शीर्षक-
जिंदगी का वादा
कहीं कम तो कहीं ज्यादा,
शीर्षक-जिंदगी का वादा कहीं कम तो कहीं ज्यादा, बस यही है जिंदगी का वादा, कहीं धूप कहीं छाया, बस यही …
कहीं कम तो कहीं ज्यादा,
January 4, 2021
Ishq me ankho se ashq ka behna jaruri यह गीत ,कवि C. P. गौतम द्वारा रचित है , कवि C.
January 4, 2021
Bhatakte naav ka kinara ho tum – kavya यह काव्य ,कवि C. P. गौतम द्वारा रचित है , कवि C.
November 20, 2020
गीत तुम जहाँ भी रहोग़म का साया न होप्यार तुमको मिलेदर्द आया न होइस दीवानें की खुशियाँतुम्हें ही मिलेमाफ करना
November 15, 2020
swatantra prem aur partantra prem-kavya स्वतंत्र प्रेम और परतंत्र प्रेम -काव्य जब प्रेम स्वतंत्र बहता है,बहती है मोहक खुशियां, होता
November 15, 2020
Mere Dil Ne Uff Tak Na Ki|मेरे दिल ने उफ्फ तक ना की खाई थी गहरी चोट घाव भी था
November 15, 2020
poem- phul sa jis ko mai samjha तुमको चाहा तुमको पायातुमको मैंने खो दियाजब भी तेरी याद आईसीपी शायर